Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन (Saket Metro Station) के पास शनिवार शाम को हुए दर्दनाक भवन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार, सैदुलजाब इलाके के वेस्टर्न मार्ग स्थित पांच मंजिला व्यावसायिक इमारत अचानक भरभराकर गिर (Delhi Building Collapse) गई। इस इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कुछ कार्यालय संचालित हो रहे थे।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय भवन की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य भी चल रहा था। इमारत गिरने के बाद पूरा ढांचा मलबे में बदल गया और उसका बड़ा हिस्सा पास में मौजूद टिन शेड वाली कैंटीन पर जा गिरा, जहां अक्सर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र आते-जाते थे। पुलि (Delhi Police) स सूत्रों के अनुसार, हादसे में घायल और जान गंवाने वालों में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल हैं जो विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया बाहर
अधिकारियों के मुताबिक, कुल 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से कुछ लोगों को बचाव दल ने मलबे से निकाला, जबकि कुछ को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर लाया गया। सभी घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के पार्षद पंकज गुप्ता ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "यह घटना बेहद दुखद है। भवन विभाग में भ्रष्टाचार की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। यह कम से कम 10 साल पुरानी इमारत थी और इसकी हालत काफी खराब थी। इसके ऊपर दो और मंजिलों का निर्माण किया जा रहा था। मैं मांग करता हूं कि मेयर तुरंत इस्तीफा दें।"
जूनियर इंजीनियर अमन जैन को लापरवाही के आरोप में किया निलंबित
इस बीच, नगर निगम (MCD) ने भी मामले में कार्रवाई की है। दक्षिण जोन के उपायुक्त ने भवन विभाग-II के जूनियर इंजीनियर अमन जैन को कर्तव्यों में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। वहीं, सहायक अभियंता सुदेश सिंह चौहान को प्रभावी निगरानी नहीं करने और लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि निर्माण कार्य और भवन की स्थिति के बीच कोई संबंध था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
