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आदित्य ठाकरे के खास ने बदला पाला! सचिन अहीर ने शिंदे गुट की ओर से दाखिल किया विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन

Maharashtra Vidhan Parishad Deputy Chairman: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। उद्धव ठाकरे के करीबी सचिन अहीर ने शिंदे गुट की तरफ से विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।

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आदित्य ठाकरे के खास ने बदला पाला! सचिन अहीर ने शिंदे गुट की ओर से दाखिल किया विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन (ANI)

Sachin Ahir Nomination: महाराष्ट्र की सियासत से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक और तगड़ा झटका देते हुए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता सचिन अहीर ने मंगलवार को प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (महायुति) का दामन थामते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

सचिन अहीर को पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे का बेहद करीबी और मुंबई में उबाठा गुट का मजबूत चेहरा माना जाता था। ऐसे में ऐन चुनाव से पहले उनका यह अप्रत्याशित कदम महा विकास आघाडी (MVA) के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है।

शक्ति प्रदर्शन के साथ दाखिल किया पर्चा

सचिन अहीर ने विधान भवन में महायुति के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहीं।

इस घटनाक्रम पर खुशी जताते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्री और शिंदे गुट के नेता उदय सामंत ने पत्रकारों से कहा, 'सचिन अहीर एक बेहद वरिष्ठ और अनुभवी विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं। उन्होंने हमेशा मुंबई और यहां की जनता के हक के लिए आवाज उठाई है। मुझे बेहद खुशी है कि ऐसा कद्दावर और अनुभवी नेता शिवसेना के साथ आ रहा है। हमने दलबदल और अन्य सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच की है, और उसके बाद ही यह कदम उठाया गया है।'

बेअसर दिखाने की कोशिश में उद्धव गुट

इस बड़े झटके को ज्यादा तवज्जो न देते हुए शिवसेना (UBT) के विधायक सुनील राउत ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने इतिहास में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन पार्टी कभी खत्म नहीं हुई। उन्होंने विधान भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हमें पहले भी कई झटके लगे हैं, लेकिन हमारी पार्टी एकजुट रही है। सचिन अहीर का जाना शिवसेना (उबाठा) के लिए कोई ऐसा झटका नहीं है जिससे पार्टी टूट जाए।'

वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि महा विकास आघाडी (MVA) की ओर से विधान परिषद सदस्य जगन्नाथ अभ्यंकर उपसभापति पद के लिए उनके उम्मीदवार होंगे।

चौतरफा घिरे उद्धव ठाकरे

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी पिछले ही हफ्ते पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने सामूहिक रूप से पाला बदलकर सत्ताधारी शिंदे गुट की सदस्यता ले ली थी। सांसदों के इस सामूहिक दलबदल के ठीक बाद अब उच्च सदन (विधान परिषद) में सचिन अहीर का यह कदम उद्धव गुट की बची-खुची रीढ़ पर एक और प्रहार माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि विधान परिषद के इस आगामी चुनाव में आंकड़ों का गणित किस करवट बैठता है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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