Haryana Bribe Case: हरियाणा के रोहतक में बुधवार को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रोहतक टीम ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता (एईई-1) मंजीत को 1.25 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी मंजीत, पुत्र चत्तर सिंह, निवासी गांव खखाना, जिला झज्जर का रहने वाला है, उसकी सेक्टर-36 स्थित हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय (सनसिटी, रोहतक) से गिरफ्तारी हुई।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली निवासी एक वकील ने शिकायत दर्ज कराई कि वह सतीश अग्रवाल की ओर से चुलियाना, जिला रोहतक में स्थापित एक कंपनी के कार्यों के लिए अधिकृत हैं। कंपनी को साल 2026-27 के लिए 'कन्सेंट टू ऑपरेट' (Consent to Operate) प्रमाण पत्र क्षेत्रीय कार्यालयहरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रोहतक से जारी किया जाना था।
बकौल शिकायत, इस प्रमाण पत्र को जारी करने के बदले आरोपी एईई-1 अधिकारी मंजीत ने 1.5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की, जो बाद में 1.25 लाख रुपये तय हुई।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
शिकायत के सत्यापन के बाद सीडीसी/निरीक्षक जगजीत सिंह, नं. 1241/सोनीपत, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उपकेंद्र सोनीपत के नेतृत्व में रेडिंग टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को 1,25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
हरियाणा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचारी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, फरीदाबाद से रिश्वत का एक मामला सामने आया था, जहां उप तहसील गोच्छी में कार्यरत पटवारी और उसके सहयोगी की 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी हुई थी।
