राँची

RIMS Rest House: रिम्स में 310 बेड का परिजन विश्राम गृह तैयार, अब मरीजों के परिजनों की अस्पताल में रहने की होगी व्यवस्था

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 2, 2023, 02:35 PM IST

Ranchi Rims Update: अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहने वाले रिम्स में नए साल में मरीजों एवं उनके परिजनों को कई सुविधाएं मिलने वाली हैं। मरीजों के परिजनों की सबसे बड़ी चिंता ठहरने की खत्म होने वाली है। अब मरीज के परिजन बेहद कम शुल्क देकर अस्पताल परिसर में ही आराम कर सकेंगे। इस सुविधा की शुरुआत की प्रक्रिया चल रही है।

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रिम्स अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए बना है विश्राम गृह

KEY HIGHLIGHTS
  • 50 रुपए शुल्क देकर 24 घंटे आराम कर सकेंगे मरीजों के परिजन
  • विश्राम गृह में आलमारी, रैक, बेड की सुविधा मिलेगी
  • दो महीने के अंदर शुरू हो जाएगी सेवा

Ranchi News: नए साल में रिम्स नईं-नईं सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। अस्पताल के दो नए भवन बनकर तैयार हो गए हैं। इन भवनों को बहुत जल्द कार्यकारी एजेंसी अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर देगी। इस बारे में अस्पताल के निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद का कहना है कि एकेडमिक बिल्डिंग हैंडओवर हो गई है। वहीं, पावर ग्रिड द्वारा बनवाए गए 310 बेड के परिजन विश्राम गृह को हैंडओवर करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद दोनों भवनों का उद्घाटन किया जाएगा। निदेशक के मुताबिक अगले दो से तीन महीनों में दोनों भवनों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया जाएगा।

निदेशक ने बताया कि, परिजन विश्राम गृह में मरीजों की देखरेख करने के लिए आने वाले लोग रह सकेंगे। फिलहाल उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर किसी लॉज या होटल में ठहरना होता है। अब परिजन सिर्फ 50 रुपए भुगतान कर अस्पताल परिसर में ही 24 घंटे रह सकेंगे। इस विश्राम गृह में उनको बेड, आलमारी, रैक आदि की सुविधा मिलेगी। विश्राम गृह में कुल 310 बेड हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों के परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है।

स्टेट ऑफ आर्ट एकेडमिक बिल्डिंग बनकर तैयार

अस्पताल निदेशक का कहना है कि, पिछले साल ही स्टेट ऑफ आर्ट एकेडमिक बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। यह बिल्डिंग अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर हो गई है। इसे एनएमसी की गाइडलाइन के मुताबिक बनवाया गया है। बिल्डिंग में लाइब्रेरी, लेक्चर थिएटर, एग्जाम हॉल, लैब आदि संचालित किए जाएंगे। सभी व्यवस्था एक ही जगह पर उपलब्ध होगी। यह भी बताया कि फिलहाल रिम्स में एमबीबीएस की 180 सीटें हैं। सीटों को बढ़ाकर 250 करने के लिए भवनों का निर्माण करवाया गया है। अतिरिक्त सीटों की मंजूरी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिख गया है।

मातृ-शिशु अस्पताल का होगा निर्माण

अधिकारी ने बताया कि इस साल अस्पताल की कई पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत कराई जानी है। इसके अलावा सुपरस्पेशियलिटी विंग का विस्तार किया जाएगा। इसे न्यूरोसर्जरी एवं न्यूरोलॉजी के लिए विकसित किया जाना है। इतना ही नहीं अलग से मातृ एवं शिशु अस्पताल बनाया जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी झारखंड भवन निर्माण निगम लिमिटेड को दी गई है। बहुत जल्द एस्टीमेट के मुताबिक वह निर्माण को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर देगा।
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