राँची

CPI माओवादियों के पीछे पड़ी NIA, झारखंड-छत्तीसगढ़ में कई जगह छापेमारी

एनआईए ने नक्सल मामलों की जांच के सिलसिले में झारखंड और छत्तीसगढ़ में छापेमार कार्रवाई की है। एनआईए की टीमों ने संदिग्धों और मददगारों (ओजीडब्ल्यू) के घरों और अन्य परिसरों की व्यापक तलाशी ली।

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(फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

रांची: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने नक्सल संबंधी मामलों की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को झारखंड और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापे मारे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनआईए की टीमों ने संदिग्धों और मददगारों (ओजीडब्ल्यू) के घरों और अन्य परिसरों की व्यापक तलाशी ली। बयान के अनुसार यह मामला प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा (माओवादी) के नक्सली कैडर कृष्णा हंसदा की गिरफ्तारी से शुरू हुआ।

ओजीडब्ल्यू के संबंधों का पता लगाया

एनआईए के बयान में कहा गया है कि भाकपा (माओवादी) की क्षेत्रीय समिति के सदस्य हंसदा को जनवरी 2023 में डुमरी थाने के लुसियो वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान एनआईए ने कई संदिग्धों और ओजीडब्ल्यू के संबंधों का पता लगाया, जिनके बारे में माना जाता है कि वे गिरिडीह जिले के पारसनाथ क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) को रसद और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की आपूर्ति में शामिल थे। एनआईए ने जून 2023 में मामले की जांच का जिम्मा संभाला था।

एक अन्य मामले में, एनआईए की टीमों ने पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान मतदानकर्मियों एवं सुरक्षा दल पर हमले के सिलसिले में राज्य के दूरदराज के गांवों में कई स्थानों पर तलाशी ली।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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