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मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए परिजन, राजकोट अस्पताल की घनघोर लापरवाही का Video आया सामने

राजकोट के पीडीयू सिविल अस्पताल का वीडियो वायरल है, जिसमें परिजन मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी ले जाते दिख रहे हैं।

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राजकोट सिविल अस्पताल में लापरवाही का आरोप (Times Now Navbharat)

गुजरात के राजकोट स्थित पीडीयू सिविल अस्पताल का एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल के इस लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल है। वीडियो (Video) को लेकर दावा किया जा रहा है कि मरीज की हालत गंभीर थी लेकिन उसे इमरजेंसी वार्ड तक ले जाने के लिए अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला। ऐसे में मरीज के परिजन उसे खुद गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक ले गए। इस वीडियो (Video) के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर हॉस्पिटल पर घनघोर लापरवाही का आरोप लग रहा है।

मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी ले गए परिजन

वायरल वीडियो (Viral Video) में परिजन एक मरीज को गोद में उठाकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की ओर ले जाते नजर आ रहे हैं। आमतौर पर अस्पताल में मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए स्ट्रेचर और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन यहां इस अस्पताल में रीज अपने परिजनों की गोद के सहारे इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच पा रहा है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों के लिए समय पर मदद मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में अगर किसी मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिलता है, तो परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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कुछ दिन पहले बुजुर्ग महिला का वीडियो हुआ था वायरल

राजकोट सिविल अस्पताल का यह पहला मामला नहीं है, जब मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठे हैं। करीब 8-9 दिन पहले भी अस्पताल का एक वीडियो सामने आया था। उसमें लगभग 70 साल की एक बुजुर्ग महिला अस्पताल परिसर में खुद स्ट्रेचर खींचती दिखाई दी थीं। वह अपने परिजन को इलाज के लिए ले जा रही थीं। उस वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सहायता के लिए तैनात कर्मचारियों पर भी सवाल खड़े हुए थे।

विरोध के बाद जारी हुए थे नोटिस

पिछली घटना के करीब दो दिन बाद अस्पताल प्रशासन ने घटना को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था और संबंधित सुरक्षा और मैनपावर एजेंसियों से पूछा था कि भला ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसके अलावा, अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी किया था। इसके कुछ दिन बाद ही अब एक और वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल उठने लगे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि पिछली घटना के बाद उठाए गए कदमों का कितना असर हुआ।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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