चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में NDA की सरकार बनने के दावे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल साफ दिखाई दे रही है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों दलों ने अब तक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने अमित शाह के बयान पर सवाल उठाए हैं, जबकि पंजाब भाजपा ने अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर स्पष्ट ऐलान नहीं किया है।
AAP ने अकाली-भाजपा के शासनकाल पर उठाए सवाल
अमित शाह के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले दोनों दल अपने दम पर सरकार बनाने के दावे करते थे, लेकिन अब NDA की सरकार बनाने की बात कर रहे हैं। अरोड़ा ने दावा किया कि दोनों दल मिलकर भी पंजाब में सरकार नहीं बना पाएंगे। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पंजाब के लोग 2007 से 2017 तक चले अकाली-भाजपा शासनकाल को नहीं भूले हैं। उन्होंने उस दौर का जिक्र करते हुए राज्य में नशे और गैंगस्टरवाद के बढ़ने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने अमित शाह के दावे पर कसा तंज
पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने भी अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह पंजाब में 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं।
वेरका ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नाम पर वोट मांगे थे, लेकिन पंजाब में पार्टी का चुनावी प्रदर्शन सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में NDA का खाता शून्य है और आगे भी शून्य ही रहेगा। वेरका ने अमित शाह के सरकार बनाने के दावे को महज एक राजनीतिक सपना बताया।
पंजाब भाजपा बोली- सभी 117 सीटों पर तैयारी
अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पार्टी का रुख रखा। उन्होंने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में NDA की सरकार है। उन्होंने कहा कि NDA का मतलब भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने पंजाब के हालात खराब कर दिए हैं और राज्य को हर तरफ से नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, इन समस्याओं का एकमात्र समाधान भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और राज्य के लोगों को पार्टी पर भरोसा है। ढिल्लों ने दावा किया कि भाजपा 2027 में बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
अकाली दल की चुप्पी से गठबंधन पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में शिरोमणि अकाली दल का रुख भी अहम है। अमित शाह के NDA सरकार बनाने के बयान के बाद अकाली दल की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच संभावित गठबंधन को लेकर उत्साह होने की चर्चा है।
ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और अकाली दल के दोबारा साथ आने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हैं। फिलहाल दोनों दलों के बीच गठबंधन की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि अमित शाह का बयान किसी संभावित राजनीतिक समीकरण का संकेत है या भाजपा का चुनावी दावा। इस पर स्थिति दोनों दलों के आधिकारिक रुख से ही साफ होगी।
