प्रयागराज

कुम्भ नगरी प्रयागराज को रामनगरी अयोध्या से जोड़गा ये नया Expressway, एक ही दिन में पूरी होंगी दोनों धार्मिक यात्राएं

तीर्थराज प्रयागराज को प्रभु श्रीराम की अयोध्या नगरी से जोड़ने के लिए एक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल गई है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों शहरों के बीच की दूरी कम होगी, समय कम लगेगा और एक ही दिन में दोनों तीर्थ स्थलों का दर्शन हो पाएंगे। चलिए विस्तार से जानते हैं -

Image

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे को मंजूरी

Photo : Twitter

Prayagraj-Ayodhya Expressway: देश में धार्मिक पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या धाम जैसे धार्मिक स्थल इसी राज्य में हैं। अयोध्या में राम लला का मंदिर बनने के बाद यहां तीर्थ यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। साल 2024 में अयोध्या ने देश में सबसे अधिक पर्यटकों के मामले में आगरा को पछाड़ दिया और नंबर 1 की पोजिशन पर पहुंच गया। धार्मिक पर्यटन के बढ़ते रुझान को देखते हुए उत्तर प्रदेश में एक नया एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जो दो बड़े धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेगा।

जी हां, हम जिस प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे की बात कर रहे हैं उसे उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। 6 लेन का यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे कुंभ नगरी प्रयागराज को प्रभु श्रीराम की अयोध्या नगरी से जोड़ेगी। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों बड़े धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी।

इन जिलों को मिलेगा फायदा

6 लेन के इस हाई-टेक प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे के बन जाने से प्रयागराज और अयोध्या के साथ ही प्रतापगढ़ जिले को भी फायदा मिलेगा। बता दें कि अभी प्रयागराज से प्रतापगढ़ तक 2 लेन की सड़क है, जबकि प्रतापगढ़ से अयोध्या तक 4 लेन रोड है। इसी प्रयागराज-अयोध्या हाईवे के बाईं ओर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) एक नया 6 लेन का एक्सप्रेसवे बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे के लिए 5000 करोड़ का बजट भी रखा गया है। इस बजट में किसानों को उनकी जमीन अधिग्रहण के बदले दिया जाने वाला मुआवजा भी शामिल है।

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे से समय की बचत

प्रयागराज और अयोध्या के बीच सफर करने में अभी 4 घंटे से अधिक समय लगता है। दोनों धार्मिक शहरों के बीच दूरी भी 167 किमी है। प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे इस दूरी को घटाकर 90 किमी कर देगा। यह एक्सप्रेसवे दो धार्मिक नगरों के बीच की दूरी को ही सिर्फ 77 किमी कम नहीं करेगा, बल्कि यात्रा के समय में भी बचत होगी। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों शहरों की दूरी मात्र 2.5 से तीन घंटे तक रह जाएगी।

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे की कुल चौड़ाई 38 मीटर की होगी। इसमें दोनों तरफ 15-15 मीटर के मेन कैरिजवे होंगे। इसके अलावा 2-2 मीटर के फोल्डर और सर्विस रोड भी होंगे। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लोहे की गार्डर लगाए जाएंगे, ताकि जानवर एक्सप्रेसवे पर न आ जाएं।

इन वाहनों की एंट्री होगी बैन

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे पर किसी भी तरह से थ्री-व्हीलर, ट्रैक्टर और छोटी गाड़ियों की एंट्री प्रतिबंधित होगी। दो अति महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे को 45-45 मीटर के दो फेस में तैयार किया जाएगा। इसका पहला चरण 84 कोसी परिक्रमा स्थल अयोध्या भारत कुंड परिक्रमा मार्ग से कटका तक बनेगा। जबकि दूसरा फेस कटका से सोनावां के गोंड गांव तक होगा।

कितने पुल, ओवर ब्रिज बनेंगे

प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे रूट पर लगभग 6 रेलवे ओवर ब्रिज (ROBs) बनाए जाएंगे। इसमें लखनऊ-वाराणसी रेल खंड पर बनने वाला रेलवे ओवर ब्रिज भी शामिल होगा। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे क्रॉसिंग पर 18 मीटर ऊंचा 6 लेन का फ्लाईओवर भी प्रयागराज-अयोध्या एक्सप्रेसवे पर बनाया जाएगा। गोमती नदी के ऊपर भी 6 लेन का पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य छोटी-बड़ी नदी-नालों के ऊपर भी 6 लेन के पुल बनाए जाएंगे।

यह तो आप जानते ही हैं कि अयोध्या और प्रयागराज दोनों ही कितने बड़े धार्मिक स्थल हैं। प्रयागराज में अभी महाकुम्भ 2025 का आयोजन हो रहा है। इसके अलावा यहां पर हर 6 साल में अर्धकुम्भ और हर 12 साल में कुम्भ मेला लगता है। यही नहीं, संगमनगरी प्रयागराज का बड़ा ही धार्मिक महत्व है। रामनगरी अयोध्या भी राम लला का मंदिर बनने के बाद लगातार पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने प्रभु रामलला के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। प्रयागराज हो या अयोध्या दोनों ही जगह देश और विदेश से भी धार्मिक पर्यटन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में यह नया एक्सप्रेसवे पर्यटकों को एक ही दिन में दोनों तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर देगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article