प्रयागराज

Maha Kumbh 2025: Cyber अपराधी नहीं लगा पाएंगे सेंध, 40 करोड़ श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने का बनाया गया धांसू प्लान

महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं को साइबर अपराधियों से बचाने के लिए रणनीति बनाई गई है। प्रयागराज में साइबर विशेषज्ञों और पुलिस के आला अधिकारियों की एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र में बैठक हुई जिसमें कुछ साइबर विशेषज्ञ डिजिटल माध्यम से भी जुड़े रहे।

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महाकुंभ मेला

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में अगले महीने आयोजित होने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं को साइबर अपराधियों से बचाने के लिए बहुआयामी रणनीति बनाई गई है। महाकुंभ में पूरे विश्व से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'डिजिटल महाकुंभ' को 'साइबर सुरक्षित' महाकुंभ बनाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की रणनीति बनायी है।

साइबर अपराध से लड़ने के लिए बनाई ये रणनीति

उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रयागराज में साइबर विशेषज्ञों और पुलिस के आला अधिकारियों की एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र में बैठक हुई जिसमें कुछ साइबर विशेषज्ञ डिजिटल माध्यम से भी जुड़े रहे। यहां साइबर अपराध से लड़ने के लिए हमने एक बहुआयामी रणनीति बनाई है जिसमें पुलिस अधिकारियों के अतिरिक्त आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)- कानपुर जैसे विशेषज्ञ संस्थानों से साइबर विशेषज्ञों को सम्मिलित किया गया है।

उन्होंने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयागराज जोन) भानु भास्कर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर, अपर पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध), पुलिस आयुक्त प्रयागराज, पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला एवं साइबर विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान साइबर सुरक्षा के संबंध में विचार-विमर्श किया गया एवं अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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