प्रयागराज

रोंगटे खड़े कर देगी नागा साधुओं की कहानी, दीक्षा लेने पर क्यों दी जाती हैं यातनाएं! मृत्यु के बाद का क्या है विधान?

Naga Sadhu Documentary: नागा साधुओं का जीवन तप और त्याग से भरा होता है। नागा बनने की प्रक्रिया के दौरान तंगतोड़ जैसे बेहद कष्टदायी प्रक्रिया से गुजर कर उनकी मर्दाना शक्ति को खत्म किया जाता है। आइये जानते हैं नागाओं के जीवन और मृत्यु से जुड़े अहम पहलू।

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नागा साधुओं का जीवन

Naga Sadhu Documentary: दुनिया की माया और ऐशो आराम छोड़कर नागा साधु बनना अपने आप में काफी कष्टप्रद है। नागा साधु बनने की प्रक्रिया में कई कठिन प्रक्रियायों से गुजरना होता है। इन जीवन तप और त्याग से भरा होता है। जानकारी के मुताबिक, इच्छुक व्यक्ति को अखाड़े में दीक्षा लेनी होती है, जहां वह गुरु के मार्गदर्शन में ब्रह्मचर्य और कठोर साधना का पालन करता है। यज्ञ और संकल्प के साथ, साधु सांसारिक मोह-माया त्यागकर आध्यात्मिक जीवन अपनाता है और धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित हो जाता है। नागा साधुओं को तंगतोड़ जैसे बेहद कष्टदायक प्रक्रिया से गुजर कर अपनी मर्दाना ताकत को खत्म करना होता है। आइये जानते हैं नागाओं को मृत्यु के पश्चात कहां ले जाया जाता है और समाधि कितने प्रकार की होती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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