Poonch Landslide: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। जिले के लोरन गांव के ऊपरी क्षेत्र में भूस्खलन (Landslide) की चपेट में आने से एक कच्चा मकान पूरी तरह ढह गया। इस दर्दनाक घटना में मलबे में दो बच्चों समेत सात लोग जिंदा दब गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने मलबे से सात शव निकाले।
मृतकों की पहचान जाहिदा बेगम (38), उनके छह वर्षीय बेटे मनन रफीक, चार वर्षीय बेटी अलीसा, तनवीर अहमद भट (27), शमीम अख्तर (33), शबनम बानो (31) और मोहम्मद इरफान (17) के रूप में हुई। सभी पुंछ जिले की मंडी तहसील के अरिगाम गांव के निवासी थे। पुंछ जिले में शनिवार शाम से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। अब तक जिले में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में कुल 17 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि छह अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
छह-छह लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान
वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ और राजौरी जिलों में वर्षाजनित घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सोमवार को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और वर्षाजनित अन्य घटनाओं में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों की अपूरणीय क्षति की भरपाई किसी भी वित्तीय सहायता से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। अब्दुल्ला ने कहा, "पुंछ और राजौरी में कल आई अचानक बाढ़, भूस्खलन और वर्षाजनित अन्य घटनाओं में हुई जनहानि की भरपाई किसी भी वित्तीय सहायता से नहीं की जा सकती। फिर भी शोकाकुल परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।"
परिवारों को तत्काल राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश
मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने बताया कि राहत पैकेज में राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से अतिरिक्त दो लाख रुपये शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि यह घोषणा रविवार शाम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद की गई। बैठक में राजौरी और पुंछ जिलों में अचानक आई बाढ़ तथा वर्षाजनित अन्य घटनाओं से हुई जनहानि और सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हरसंभव सहायता बिना किसी देरी के जरूरतमंदों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की जरूरत पर भी बल दिया।
