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Uttarakhand: आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की यह कैसी तेजी, एम्स के अंदर ही दौड़ा दी जीप

Rishikesh AIIMS: उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए ऋषिकेश एम्स के अंदर ही जीप दौड़ा दी। इसका वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि एम्स के अंदर पुलिस की जीप दौड़ रही है।

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एम्स के अंदर पुलिस की जीप।

Photo : Twitter

Rishikesh AIIMS: ऋषिकेश एम्स में आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने कुछ फिल्मी अंदाज अपनाया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस अपनी जीप ऋषिकेश के अंदर दौड़ा दी। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस की जीप एम्स के अंदर दौड़ती हुई दिख रही है। दरअसल, एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने नर्सिंग अधिकारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए एम्स के अंदर घुसी।

आरोपी नर्सिंग अधिकारी सस्पेंड

बता दें कि आरोप सामने आने के बाद उस नर्सिंग अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि नर्सिंग अधिकारी ने उसे गलत तरीके से छुआ था। साथ ही उसे कुछ मैसेज भी भेजे थे। इसके बाद उसने इसकी शिकायत की, जिस पर कार्रवाई करते हुए नर्सिंग अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया।

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पुलिस ने क्यों दौड़ाई जीप?

पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए फिल्मी अंदाज अपनाया और एम्स के अंदर जीप लेकर पहुंच गई। एम्स-ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि डॉक्टर द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वीडियो वायरल होने पर क्या बोले एसएसपी?

इसका वीडियो वायरल होने के बाद देहरादून एसएसपी का बयान सामने आया है। एसएसपी ने बताया कि एम्स में हुई घटना को लेकर वायरल हुई वीडियो पर संज्ञान लिया गया, जिसमे एसएसपी देहरादून आज एम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने हॉस्पिटल प्रशासन और एम्स डायरेक्टर के साथ स्थिति के बारे में जानकारी ली, जिसके बाद उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ का मामला पुलिस को मिला था।

एसएसपी ने बताया कि शिकायत के बाद लेकर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची थी, लेकिन स्थिति काफ़ी ख़राब थी, जिसको लेकर एम्स के सुरक्षा स्टाफ ने पुलिस को प्रवेश और एग्जिट का रास्ता बताया गया। चूंकि सभी डॉक्टर्स उस आरोपी का विरोध कर रहे थे, जिसे गिरफ़्तार करना था। इसलिए स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रैम के रास्ते उक्त आरोपी को गिरफ़्तार किया और जिस रास्ते से पुलिस ने प्रवेश किया था वो वेटिंग वार्ड था ना कि इमरजेंसी वार्ड। उस समय लिया गया निर्णय उचित था।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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