पटना: बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले सियासी घमासान देखने को मिला। आरजेडी के सहयोगी दल फ्लोर टेस्ट की तैयारी में थे। इसी बीच रविवार को RJD विधायक चेतन आनंद (Chetan Anand) के गायब होने की खबर सामने आई, जिससे सियासी गलियारे में खलबली मच गई। चेतन के भाई की शिकायत पर पुलिस तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर जांच पड़ताल के लिए पहुंची थी, जिसके बाद आरजेडी नेताओं के समझाने पर पुलिस वापस चली गई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से पहुंची पुलिस चेतन को लेकर वापस चली गई। वहीं, सुबह होते होते पाला बदलते हुए आरजेडी के तीन विधायकों के साथ चेतन आनंद एनडीए गठबंधन के साथ हो गए। तो ये पाला बदलने वाले चेतन आनंद कौन हैं? आइये जानते हैं बिहार की राजनीति में उनका कितना दबदबा है।
बाहुबली आनंद मोहन के बेटे हैं चेतन
बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का दबदबा रहा है। इनमें से आनंद मोहन का नाम आगे है। आनंद मोहन सिंह बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव से आते हैं। जानकारी के मुताबिक, उनके दादा राम बहादुर सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे। 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन के दौरान आनंद मोहन ने राजनीति में कदम रखा।आनंद मोहन विधायक से लेकर सांसद तक का सफर तय कर चुकें हैं। पिछले दिनों चर्चा में रहे आरजेडी से विधायक चेतन आनंद बाहुबली नेता आनंद मोहन के बेटे हैं। चेतन आनंद शिवहर विधानसभा से विधायक हैं। आनंद ने अपने आधिकारिक राजनीतिक करियर की शुरुआत जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के साथ 2015 में पार्टी की छात्र शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में की थी। वह अपनी मां लवली आनंद के साथ साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर 2020 के अंत में राजद (RJD) में शामिल हुए थे। तब से अभी तक वो आरजेडी का हिस्सा थे, लेकिन 11 फरवरी को बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले ही आरजेडी से नाता तोड़कर वो एनडीए के पक्ष में चले गए।
तीन विधायकों ने छोड़ी RJD
बिहार विधानसभा की कार्यवाही जारी है। स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ लाया गया। फ्लोर टेस्ट से पहले आरजेडी के तीन विधायक एनडीए खेमे में पहुंच गए हैं। उन तीन विधायकों में चेतन आनंद शामिल हैं।
