सुधाकर सिंह जब बिहार के आरजेडी के कोटे से कृषि मंत्री थे तो उनका एक बयान सुर्खियों में रहा कि वो जानते हैं कि उनके विभाग में सब घूस लेते हैं। लेकिन इस तरह के बयानों का सिलसिला जब नहीं थमा तो आरजेडी ने उन्हें सरकार से बाहर का रास्ता दिखा दिया। सरकार से रुखसती के बाद सुधाकर सिंह के बोल नहीं थमे। वो लगातार जेडीयू पर और अपनी ही सरकार पर निशाना साधते रहे। लेकिन जब नीतीश कुमार के खिलाफ उन्होंने बयानबाजी की तो मामला उल्टा पड़ा और आरजेडी ने एक्शन का फैसला किया। आरजेडी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना आप पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
सुधाकर सिंह ने क्या कहा था
पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा था कि देश ने इंडिया इंदिरा वाली सरकार देखी है, बिहार में बहार है, नीतीशे सरकार देख रही है, राज्य से लेकर केंद्र तक अब व्यक्तियों का संस्थाओं पर कब्जा है। मसलन दिल्ली में मोदी सरकार है तो बिहार में सरकार की तुलना नीतीश कुमार से ही की जाएगी। बिहार में न्याय नहीं बल्कि लूट का शासन है। पुलिस व्यवस्था फेल है। लूट के मॉडल को सत्ता से संरक्षण मिल रहा है तो सवाल क्यों ना उठाया जाए।
तो सीधी हो जाएगी बिहार सरकार
खगड़िया में किसानआक्रोश सभा में उन्होंने भड़ास निकाली। सुधाकर सिंह ने कहा कि किसानों की भलाई की बात सिर्फ कागजों पर है। हकीकत में किसानों की आवाज की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ साथ नीतीश कुमार को निशाने के केंद्र पर रखते हुए किसानों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों के पास रास्ता क्या है। खुद सोचें, उसके बाद फिर कहा कि जिस तरह से दिल्ली की सीमा पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान 13 महीने तक धरने पर बैठ कर सरकार को झुका दिया अगर वैसे ही आप महज 13 दिन तक बैठने की हिम्मत जुटाएं तो सरकार सीधी हो जाएगी।
