पटना

बिहार की इन 7 हस्तियों को पद्म पुरस्कार: शारद सिन्हा, सुशील मोदी, किशोर कुणाल... देखें पूरी लिस्ट

Padma Awards 2025 Winners List: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पद्म पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। 139 प्रतिष्ठित लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिसमें बिहार की 7 हस्तियों के नाम शामिल हैं। शारदा सिन्हा को पद्म विभूषण, सुशील मोदी को पद्म भूषण दिया जाएगा। वहीं आचार्य किशोर कुणाल समेत 5 को पद्मश्री पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है।

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बिहार के इन प्रतिष्ठित लोगों को पद्म सम्मान।

Padma Awards 2025 Winners from Bihar: लोक गायिका (दिवंगत) शारदा सिन्हा, पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, सुजुकी के प्रमुख रहे (दिवंगत) ओसामु सुजुकी और पूर्व क्रिकेटर आर अश्विन उन 139 प्रतिष्ठित लोगों में शामिल हैं, जिन्हें 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। घोषणा किये गए नागरिक पुरस्कारों में सात पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। बिहार की 7 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनमें शारदा सिन्हा, सुशील कुमार मोदी, निर्मला देवी, भीम सिंह भावेश, किशोर कुणाल, हेमंत कुमार, विजय नित्यानंद सुरेश्वरी जी का नाम शामिल है।

बिहार के विभूतियों को पद्म सम्मान

नामश्रेणीपुरस्कार
शारदा सिन्हा (मरणोपरांत)कलापद्म विभूषण
सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत)लोक कार्यपद्म भूषण
भीम सिंह भवेशसमाजिक कार्यपद्मश्री
हेमंत कुमारचिकित्सापद्मश्री
आचार्य किशोर कुणाल (मरणोपरांत)सिविल सर्विसपद्मश्री
निर्मला देवीकलापद्मश्री
विजय नित्यानंद सुरेश्वरी जीअध्यात्मपद्मश्री

पुरस्कार पाने वालों में 23 महिलाएं शामिल

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'पुरस्कार पाने वालों में 23 महिलाएं हैं और सूची में विदेशी, एनआरआई, पीआईओ, ओसीआई श्रेणी से 10 लोग भी शामिल हैं। साथ ही, 13 को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है।' पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) खेहर को पद्म विभूषण प्रदान गया है, जबकि सुजुकी के प्रमुख रहे ओसामु सुजुकी, लोक गायिका शारदा सिन्हा और एम टी वासुदेवन नायर को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है। दिनामलार के प्रकाशक लक्ष्मीपति रामसुब्बायर को साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

सुशील मोदी को मिलेगा पद्म भूषण पुरस्कार

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय, गजल गायक पंकज उधास को मरणोपरांत पद्म भूषण प्रदान किया गया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी (मरणोपरांत) और फिल्म निर्माता शेखर कपूर को पद्म भूषण प्रदान किया गया है। ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में दिए जाते हैं।

पद्म विभूषण, असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। तेलुगु अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण और पूर्व हॉकी गोलकीपर पी आर श्रीजेश को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य, पूर्व क्रिकेटर आर अश्विन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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