पटना

Bihar News: मैत्री पुल उड़ाने की साजिश? इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास मिला हैंड ग्रेनेड; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

बिहार में रक्सौल के पास भारत और नेपाल बॉर्डर पर स्थित मैत्री पुल के पास हैंड ग्रेनेड मिलने से सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या बम किसी साजिश के तहत रखा गया था? विशेषकर यह देखने के लिए कि क्या मैत्री पुल को उड़ाने या एसएसबी पोस्ट पर हमले की योजना थी।

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इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास मिला हैंड ग्रेनेड

Photo : Twitter

रक्सौल : भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री पुल के नीचे सरिसवा नदी के किनारे से एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। यह घटना बुधवार को हुई, जब बच्चे नदी में स्नान कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक बच्चों ने बम को हाथ में लेकर खेलना शुरू कर दिया। गनीमत रही की सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने बच्चों से बम को सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया।

हिंदुस्तान की खबर के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रक्सौल के डीएसपी धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि बम को बरामद करने के बाद नदी और आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक अन्य कोई बम नहीं मिला है। एसएसबी कमांडेंट संजय पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि बम की जांच की जा रही है।

मैत्री पुल को उड़ाने की साजिश या कोई और प्लान?

मुजफ्फरपुर से बम निष्क्रिय करने वाली टीम को बुलाया गया है, जो यह निर्धारित करेगी कि बम सक्रिय है या नहीं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या बम किसी साजिश के तहत रखा गया था, विशेषकर यह देखने के लिए कि क्या मैत्री पुल को उड़ाने या एसएसबी पोस्ट पर हमले की योजना थी। बम की बरामदगी के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और पुलिस तथा एसएसबी की गश्त बढ़ा दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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