पटना

सासाराम में ई-रिक्शा पर हुआ महिला का प्रसव, नवजात की मौत; पीड़िता ने लगाए ये आरोप

सासाराम के सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक महिला ने ई-रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। इस घटना से परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।

Image

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : iStock

सासाराम : सदर अस्पताल के गेट पर ही एक महिला का ई-रिक्शा में प्रसव हुआ, जिसमें नवजात की मृत्यु हो गई। करगहर के कौवाखोच की रहने वाली आसतोरण देवी गर्भवती थीं और नियमित जांच के लिए करगहर पीएचसी जाती थीं। जब उनकी प्रसव पीड़ा बढ़ी, तो उन्हें सासाराम के सदर अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा उपलब्ध न होने के कारण डॉक्टर ने उन्हें निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र भेजा। परिजन महिला को ई-रिक्शा से निजी जांच केंद्र ले जा रहे थे, तभी प्रसव पीड़ा बढ़ने पर वे वापस अस्पताल की ओर लौटे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने ई-रिक्शा पर ही बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी बाद में पहुंचे, लेकिन नवजात की उचित देखभाल न होने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, इस घटना से परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि नवजात को एसएनसीयू में रखा गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका। परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। यह घटना रोहतास जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जो कई महीनों से जारी है। गरीब परिवार की महिला के साथ हुई इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को सामने ला दिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article