पटना

नेवर, नेवर, नेवर....चिराग पासवान के साथ आने पर बोले चाचा पशुपति पारस- 'दल टूटता है जुड़ जाता है, दिल नहीं'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 22, 2023, 07:22 PM IST

Chirag Paswan VS Pashupati Kumar Paras: पशुपति पारस ने कहा, चिराग पासवान और मैं कभी साथ नहीं आएंगे। यह बात मैंने भाजपा व एनडीए के बड़े नेताओं को भी बता दी है। उन्होंने कहा, दल टूटा है तो जुड़ जाता है पर जब दिल टूटता है तो नहीं जुड़ता है।

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पशुपति कुमार पारस

Photo : ANI

Chirag Paswan VS Pashupati Kumar Paras: हाजीपुर के सांसद और आरएलजेपी प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह और चिराग पासवान दोबारा एक साथ नहीं आ सकते हैं। उन्होंने कहा, यह बात मैंने भाजपा के बड़े नेताओं को भी बता दी है। वे चाहते हैं कि यहां पर वोटर्स न बटें, लेकिन मैं चिराग पासवान के साथ नहीं आ सकता।

मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवन काफी भावुक भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा, चिराग पासवान ने मुझे पार्टी से निष्काषित करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हमारे और तुम्हारे खून में फर्क है। पशुपति पारस ने कहा, चिराग पासवान और मैं कभी साथ नहीं आएंगे। यह बात मैंने भाजपा व एनडीए के बड़े नेताओं को भी बता दी है। उन्होंने कहा, दल टूटा है तो जुड़ जाता है पर जब दिल टूटता है तो नहीं जुड़ता है।

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Hajipur MP and RLJP chief Pashupati Kumar Paras says, "I have not said this, he (Chirag Paswan) said this (hamare khoon mai fark hai) in front of everyone...We will never come together. Dal tutta hai to jud jata hai par dil tutta hai to nahi judta...I said to BJP that if… <a href="https://t.co/wztxo9W7NF">pic.twitter.com/wztxo9W7NF</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1693966640336257461?ref_src=twsrc%5Etfw">August 22, 2023</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

चिराग के एनडीए में शामिल होने से दिक्कत नहीं

पशुपति पारस ने इस दौरान कहा कि चिराग पासवान जब एनडीए में शामिल हो रहे थे तो मैंने कहा था कि मुझे इससे दिक्कत नहीं है, लेकिन मैं उनके साथ कभी नहीं आउंगा। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, मैंने चिराग पासवान से कहा था कि आज से न ही तुम मेरे भतीजे हो और मैं तुम्हारा चाचा नहीं।

हाजीपुर सीट पर दिख सकती है चाचा-भतीजे में फाइट

बीते दिनों एनडीए की बैठक में चिराग पासवार और चाचा पशुपति पारस आमने-सामने आए थे। इस दौरान चिराग ने अपने चाचा के पैर भी छुए थे, तब माना जा रहा था कि दोनों के बीच जमी बर्फ पिघल चुकी है। हालांकि, हाल ही में पशुपति पारस ने हाजीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मेरे अलावा यहां से और कौन चुनाव लड़ेगा। इसके बाद चिराग पासवान ने भी हाजीपुर सीट से अपना दावा ठोक दिया है। एनडीए के दोनों नेताओं के एक ही सीट पर दावा ठोकने से भाजपा नेतृत्व में परेशानी बढ़ गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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