पटना

पटना महावीर मंदिर में रामनवमी पर होगा खास आयोजन, तैयार हो रहे 20 हजार किलो लड्डू

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 28, 2023, 10:19 AM IST

पटना के महावीर मंदिर में 20 हजार किलो लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। रामनवमी के दिन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा कराई जाएगी।

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पटना का महावीर मंदिर (क्रेडिट-https://www.instagram.com/mahavirmandirpatna/)

Patna News: रामनवमी को लेकर पूरे देश में धूम है। श्रद्धालु जोर-शोर और उत्साह से इसकी तैयारियों में लगे हुए हैं। पटना के महावीर मंदिर में भी रामनवमी पूजा के आयोजन की खास तैयारियां की जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, इस बार महावीर मंदिर में ड्रोन से पुष्प वर्षा की योजना है। मंदिर के तीनों शिखरों और पूरे परिसर में फूलों की बारिश की जाएगी।

मंदिर के न्यास सचिव आचार्य किशोर कुणाल के मुताबिक 30 मार्च को रामनवमी के दिन मंदिर परिसर में ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा होगी। सुबह दस बजे यह पुष्पवर्षा शुरू होगी, जो दोपहर दो बजे तक होती रहेगी। इस दौरान मंदिर के शिखरों, ध्वजों, बाल रूप में राम पर फूलों बारिश की जाएगी।

मंदिर के अनुष्ठानों का होगा लाइव प्रसारण

महावीर मंदिर के न्यास सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया, रामनवरी के दिन मंदिर में पूजा अर्चना, ध्वज परिवर्तन,जन्मोत्सव, आरती व प्रसाद वितरण होगा। इसका मंदिर के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। मंदिर के मुख्य ध्वज स्थल पर सुबह 10 बजे से पूजा शुरू हो जाएगी।

20 हजार किलो लड्डू हो रहे तैयार

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, इस बार रामनवमी के दिन मंदिर में चार लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना है। इन भक्तों के प्रसाद वितरण के लिए 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा है। नैवेद्यम बांटने के लिए मंदिर परिसर में 12 काउंटर लगाए जाने की तैयारी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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