पटना

गंभीर बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली का नहीं देखना होगा मुंह, शुरू होने जा रहा दरभंगा एम्स का काम

बिहार के दरभंगा में एम्स के खुलने से जनता को बड़ा फायदा होगा। अब बिहारवासियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एम्स का मुंह नहीं देखना होगा। क्योंकि कल यानी बुधवार को दरभंगा एम्स की आधारशिला रखी जाएगी।

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गंभीर बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली का नहीं देखना होगा मुंह, शुरू होने जा रहा दरभंगा एम्स का काम

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 नवंबर को बिहार को बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। पीएम मोदी बुधवार को दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनऔषधी केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे, जिसमें समस्तीपुर का जनऔषधी केंद्र भी शामिल है। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि बुधवार को समस्तीपुर में जनऔषधी केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा। पीएम मोदी जब मिथिलांचल की धरती पर कदम रखेंगे तो वह समस्तीपुर को भी एक सौगात देकर जाएंगे। हम उनका बहुत आभार व्यक्त करते हैं और बताना चाहते हैं कि केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार जनता को समर्पित है और हमारा प्रयास है कि मिथिलांचल की धरती को अधिक से अधिक सौगात मिले।

दिल्ली एम्स जाने की नहीं होगी जरूरत

शांभवी चौधरी ने आगे कहा कि मैं खुद सांसद हूं और अभी रोजाना दिल्ली एम्स के लिए चार से पांच पत्र लिखती हूं। समस्तीपुर से दिल्ली तक आने-जाने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एम्स के खुलने से लोगों के आने-जाने का खर्च कम होगा। घर के करीब लोग बेहतर उपचार करा सकेंगे, जिससे यहां के लोगों को बहुत ही लाभ मिलने वाला है। जो व्यवस्था दिल्ली में होगी वही व्यवस्था मरीजों को दरभंगा एम्स में मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स के खुलने से समस्तीपुर की जनता को बहुत अधिक फायदा होगा। मैं मानती हूं कि समस्तीपुर लोकसभा के लिए यह एक बहुत बड़ा तोहफा है और मैं इसके लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त करती हूं। एनडीए की सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी के नेतृत्व में विकास के काम कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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