पटना

नीतीश कैबिनेट का फैसला: सामान्य श्रेणी में EWS के तहत न्यायिक सेवा में 10 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 3, 2023, 01:29 PM IST

सामान्य श्रेणी के लोगों के लिए EWS के तहत न्यायिक सेवा में 10 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर लगाई गई है। इसके अलावा 14 एजेंडे को भी मंजूरी दी गई है।

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नीतीश कुमार

Photo : PTI

Reservation In Judicial Service: बिहार में जातिगत जनगणना के आंकड़े सामने आने के साथ ही सीएम नीतीश कुमार ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। सामान्य श्रेणी के लोगों के लिए EWS के तहत न्यायिक सेवा में 10 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर लगाई गई है। इसके अलावा 14 एजेंडे को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट बैठक में बिहार उच्च न्याय सेवा संशोधन नियामवली 1951 और बिहार असैनिक सेवा न्याय शाखा भर्ती नियमावली 1955 में संशोधन पर मुहर लगी है। बिहार उच्च न्याय सेवा संशोधन नियमावली 2023 और बिहार असैनिक सेवा न्याय शाखा भर्ती संशोधन नियमावली 2023 को स्वीकृति दी गई है। इसके जरिए ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा।

अहम फैसले

-नरकटियागंज बीडीओ राघवेंद्र कुमार त्रिपाठी को जबरन सेवानिवृत्ति दी गई है। पद का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामले में ये कदम उठाया गया है।

प्रिंसिपल का पावर बढ़ाया गया

-राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय और राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के भवन मरम्मत और अनुरक्षण के लिए प्राचार्य को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं।

-पॉलिटेक्निक कॉलेज में लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति पर मुहर लगी है। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान प्रयोगशाला सहायक तकनीक संवर्ग नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गई है। बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय पटना में कुल 16 पद सृजन किए जाएंगे।

-पटना में बन रहे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सेंटर के लिए छह करोड़ रुपए स्वीकृति किए गए हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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