पटना

बिहार में NIA की छापेमारी, आतंकी कनेक्शन होने की खबर; जाली नोट का चल रहा कारोबार

बिहार के भोजपुर और भागलपुर में जाली नोटों के कारोबार और आतंकी कनेक्शन होने की खबर के बाद एनआईए की छापेमारी जारी है। । सूत्रों के मुताबिक, एनआईए यह जांच कर रही है कि क्या इन दोनों मामलों में कोई संबंध है और क्या जाली नोटों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

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NIA (File photo)

पटना: बिहार के भोजपुर और भागलपुर जिले में बुधवार को एनआईए की टीम छापेमारी और छानबीन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मिले कागजातों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अब तक अधिकारी कुछ बता नहीं पा रहे हैं। भोजपुर में बुधवार की सुबह दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ एनआईए की टीम छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों के नेतृत्व में आई टीम चौरी थाना क्षेत्र के छतरपुरा गांव तथा सहार थाना के कोरन डिहरी गांव स्थित दो घरों में छापेमारी कर छानबीन कर रही है।

उर्दू शिक्षकों से पूछताछ

इसके अलावा, भागलपुर के इशाकचक थाना क्षेत्र में भी एनआईए की टीम ने दबिश दी है। स्थानीय आसपास के थानों की पुलिस की भी मदद ली गई। भोजपुर में जिन संदिग्धों के घरों में छापेमारी हो रही है, वे दोनों रिश्तेदार बताए जाते हैं। दोनों घरों में रहने वाले संदिग्ध रिश्तेदार बताए जाते हैं। एक संदिग्ध के पिता उर्दू विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि दूसरे संदिग्ध के पिता टोला सेवक के रूप में कार्यरत हैं। टीम दोनों संदिग्धों के बेटों से पूछताछ कर रही है।

सूत्रों का दावा है कि जाली नोट के कारोबार से जुड़े होने और आतंकी कनेक्शन को लेकर छापेमारी की गई है। बताया गया कि भोजपुर के कोरन डिहरी टोला निवासी अख्तर हुसैन का पुत्र मोहम्मद वारिस लगभग पांच माह पहले मोतिहारी से जाली नोटों के साथ गिरफ्तार हुआ था। इसके ठिकाने को खंगालने अब एनआईए की टीम पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए यह जांच कर रही है कि क्या इन दोनों मामलों में कोई संबंध है और क्या जाली नोटों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, एनआईए के अधिकारी अभी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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