पटना

मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को लेकर सामने आई बड़ी खुशखबरी, जल्द शुरू होगी हवाई सेवा; केंद्रीय मंत्री ने दिया अपडेट

Muzaffarpur Airport: मुजफ्फर हवाई अड्डे से जुड़ी बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। जिससे जुड़ा अपडेट केंद्रीय मंत्री ने साझा किया है। केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने बताया है कि मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे के विकास के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है।

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बिहार के मुजफ्फरपुर में जल्द शुरू होगी हवाई सेवा।

मुजफ्फरपुर में पताही हवाई अड्डे को लेकर एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने बताया कि इस हवाई अड्डे के विकास के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे हवाई सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। डॉ. चौधरी ने यह भी कहा कि हवाई सेवा शुरू करने में कोई भी कमी रही, तो उसे शीघ्र दूर किया जाएगा। इस निर्णय से मुजफ्फरपुर जिले के नेताओं में खुशी का माहौल है।

मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे को लेकर आई खुशखबरी

पताही हवाई अड्डे से छोटे विमानों की सेवा शुरू होने से न सिर्फ जिले में यात्रा की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बिहार और मुजफ्फरपुर के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

दरभंगा एयरपोर्ट से 14 विमानों का आवागमन

रविवार को दरभंगा एयरपोर्ट से भी 14 विमानों का आवागमन हुआ, जिसमें विभिन्न उड़ानों में थोड़ी देरी या पहले पहुंचने की जानकारी मिली। दरभंगा एयरपोर्ट की यह सक्रियता क्षेत्रीय हवाई यात्रा के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।

  • मुंबई से दरभंगा आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 115, जो निर्धारित समय सुबह 9 बजे पहुंचने वाली थी, सात मिनट विलंब के साथ 9:07 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंची।
  • दिल्ली से दरभंगा आने वाली अकासा की फ्लाइट क्यूपी 1405, जो निर्धारित समय 10:55 पर पहुंचनी थी, नौ मिनट की देरी के बाद 11:04 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंची।
  • कोलकाता से दरभंगा आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई7234, जो निर्धारित समय 11:55 पर पहुंचने वाली थी, 15 मिनट पहले ही 11:40 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंच गई।
  • दिल्ली से दरभंगा आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 475, जो निर्धारित समय 12:15 पर पहुंचनी थी, चार मिनट पहले यानी 12:11 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंची।
  • मुंबई से दरभंगा आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई535, जो निर्धारित समय 1 बजे पर पहुंचने वाली थी, 18 मिनट की देरी के बाद 1:18 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंची।
  • हैदराबाद से दरभंगा आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई537, जो निर्धारित समय 2:20 पर पहुंचनी थी, पांच मिनट पहले यानी 2:15 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंच गई।
  • दिल्ली से दरभंगा आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई360, जो निर्धारित समय 4:00 बजे पर पहुंचने वाली थी, आठ मिनट पहले यानी 3:52 पर दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंच गई।

इस तरह से मुजफ्फरपुर और दरभंगा दोनों ही हवाई यातायात के क्षेत्र में सुधार के मामले में आगे बढ़ रहे हैं, जो न सिर्फ सुविधाओं में वृद्धि करेगा, बल्कि इन क्षेत्रों के विकास में भी योगदान देगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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