टेक्नोलॉजी के इस दौर में एक ओर देश में जहां 5G का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर बिहार में एक जगह ऐसी भी है जहां पर लोग मोबाइल नेटवर्क के लिए जूझ रहे हैं। यहां पर कॉल करने के लिए लोगों को पेड़ों पर चढ़ना पड़ रहा है। ये जगह बिहार के कैमूर जिले का अधौरा प्रखंड है। जहां पर एक कॉल करने के लिए भी लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
दो दिनों से मोबाइल नेटर्वक की समस्या बढ़ी
कैमूर के अधौरा में पिछले दो दिनों से मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। नेटवर्क गायब रहने से लोगों को कॉल ड्रोप की समस्या झेलनी पड़ती है। ऐसे में यहां के निवासियों को अगर फोन पर अपने स्वजनों से बात करनी है या फिर व्यवसाय से जुड़ी कुछ बात करनी होती है तो उन्हें जंगलों का रुख करना पड़ रहा है। यहां कुल्ही, चिकटा और भेलवाटांड़ के जंगलों में बीएसएनएल और यूपी की जियो कंपनी के टावर हैं। जिस कारण पेड़ पर चढ़कर मोबाइल नेटवर्क अच्छे से कैच कर रहे हैं और लोग फोन पर बात कर पा रहे हैं। यहां कुल्ही में बीएसएनएल का टावर है, जबकि चिकटा और भेलवाटांड में यूपी की जियो कंपनी का टावर स्थापित है।
अधौरा में BSNL के 66 टावर
अधौरा में कुल 66 बीएसएनएल टावर हैं, जो आसपास के गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाते हैं। यहां पर सिर्फ बीएसएनएल का ही नेटवर्क चलता है। स्थानीय निवासी नुर्शीद मियां ने बताया कि यहां पर दूसरी किसी मोबाइल कंपनियों के कोई टावर नहीं हैं, जिससे दिक्कत और भी ज्यादा है। बीएसएनएल के सासाराम मंडल के इंजीनियर अजीत कुमार ने बताया कि सासाराम और चेनारी के बीच फाइबर वायर कट गया था, जिसकी वजह से नेटवर्क बंद हुआ। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मोबाइल सेवा बहाल हो जाएगी।
