पटना

Danapur Rail Mandal: 100 साल का हुआ बिहार का ये रेल मंडल, लेजर शो ने जमाया रंग; सेंचुरी पर खास आयोजन

Danapur Rail Mandal: बिहार के दानापुर मंडल ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिये हैं। इस खास अवसर पर भव्य लेजर शो का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि दानापुर (पहले दीनापुर) मंडल की स्थापना 1 जनवरी, 1925 को हुई थी।

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दानापुर मंडल के 100 साल

Danapur Rail Mandal: पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के 100 साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण भव्य लेजर शो रहा। स्थानीय जगजीवन स्टेडियम में आयोजित इस लेजर शो का स्थानीय लोगों ने भी भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), दानापुर जयंत कुमार चौधरी, सहायक मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) आधार राज सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

आधुनिक रेल सुविधाओं का प्रदर्शन

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लेजर शो रहा, जिसमें रेलवे के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को रोशनी और ग्राफिक्स के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। शो में रेलवे की विकास यात्रा को दिखाते हुए आधुनिक रेल सुविधाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस लेजर शो में प्राचीन से लेकर आधुनिक रेल इंजनों का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर डीआरएम चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि दानापुर मंडल ने पिछले 100 वर्षों में रेलवे के संचालन में अहम योगदान दिया है।

ऐसा रहा इतिहास

उन्होंने कर्मचारियों और जनता को इस सफलता के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में बेहतर सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसने माहौल को और भी खास बना दिया। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे यादगार क्षण बताया। उल्लेखनीय है कि दानापुर (पहले दीनापुर) मंडल की स्थापना 1 जनवरी, 1925 को हुई थी। इसका कार्यालय पटना के पास खगौल कस्बे में ऐतिहासिक दानापुर स्टेशन के पास 1929 में बनी एक भव्य इमारत में स्थित है। दानापुर के पहले मंडल अधीक्षक सी. आयर्स थे, जिन्होंने 1 जनवरी, 1925 को कार्यभार संभाला था। उत्तराधिकार बोर्ड पर प्रदर्शित जानकारी के अनुसार, 1980 के दशक के बाद से इस पद का नाम बदलकर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कर दिया गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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