Bihar: शराबबंदी वाले राज्य बिहार में ग्रामीण महिलाओं को कचरे को घटाने और आजीविका प्रदान करने के प्रयास में जब्त शराब की बोतलों से अब कांच की चूड़ियां (Bangles) बनाई जाएंगी। दरअसल पिछले महीने ही राज्य सरकार के मद्य निषेध विभाग ने ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम 'जीविका' से जुड़ी महिलाओं के साथ चूड़ी निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए एक करोड़ रुपए मंजूर किए थे।
बिहार में अब महिलाएं शराब की बोतलों से बनाएंगी चूड़ियां
इसी कड़ी में अब राज्य के आबकारी और मद्य निषेध विभाग ने महिलाओं के एक समूह को चूड़ियां बनाने की ट्रेनिंग के लिए यूपी भेजा है। ट्रेनिंग से आने के बाद महिलाओं के पास अपना खुद का रोजगार होगा। मद्य निषेध एवं आबकारी मंत्री सुनील कुमार ने कहा था राज्य में हर साल बड़ी मात्रा में शराब जब्त की जाती है और जब्त की गई बोतलों को निपटाने में अधिकारियों को अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।बिहार ने अप्रैल 2016 में पूरे राज्य में शराब पर लगाया था बैन
उन्होंने कहा कि जब्त शराब की बोतलों को कुचल दिया जाता है, जिसके चलते भारी कचरा जमा हो जाता है। इस पहल के अंतर्गत विभाग अब कांच की चूड़ियों के निर्माण के लिए महिलाओं को कच्चे माल के रूप में नष्ट की जा चुकी बोतलें प्रदान करेगा। बिहार ने अप्रैल 2016 में शराब पर प्रतिबंध लगाते हुए इसके भंडारण, परिवहन, बिक्री, खपत और निर्माण को दंडनीय अपराध बना दिया था। बिहार पुलिस के मुताबिक इस साल जनवरी से मई के बीच राज्य ने 13.87 लाख लीटर से ज्यादा शराब जब्त की है।इस दौरान कुल 8.15 लाख लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) और 5.72 लाख लीटर देशी शराब बरामद कर नष्ट कर दी गई, जबकि शराबबंदी के उल्लंघन के 36,120 मामले दर्ज किए गए। इसमें अधिकांश शराब पटना (1.36 लाख लीटर), वैशाली (89,944 लीटर), समस्तीपुर (75,688 लीटर), सारण (75,294 लीटर) और औरंगाबाद (69,327 लीटर) से बरामद की गई। (इनपुट- भाषा के साथ)
