पटना

Bihar: मधेपुरा में सरस्‍वती पूजा रोकने का फरमान और कॉलेज में घमासान, पुलिस से भी नहीं थमा विवाद

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Jan 21, 2023, 07:51 AM IST

Madhepura News: बिहार के मधेपुरा में सरस्वती पूजा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मधेपुरा के बीपी मंडल महाविद्यालय के छात्रों को कैंपस में सरस्वती पूजा से रोका गया तो हंगामा शुरू हो गया।

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प्राचार्य के फैसले के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन

Madhepura News: बिहार के मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज (BP Mandal Engineering College ) परिसर में सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) पर रोक लगाने के फैसले से बवाल हो गया है। छात्र 26 जनवरी को देवी सरस्वती की पूजा के लिए तैयारी कर रहे थे और कॉलेज के प्राचार्य ने लिखित आदेश निकालकर इस पर तत्काल रोक लगा दी है। प्राचार्य के सार्वजनिक तौर पर सरस्वती पूजा पर रोक के फरमान से छात्र आक्रोशित हैं। आदेश में लिखा गया है कि अगर कोई ऐसा बिना अनुमति के करता है तो उसपर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों का गंभीर आरोप

शुक्रवार को विवाद इतना बढ़ गया कि छात्रों ने पुलिस को भी काफी देर तक गेट बंद कर अंदर रोके रखा। आक्रोशित छात्रों के मुताबिक उन्होंने प्राचार्य अरविंद कुमार अमर को अप्लीकेशन देकर कैम्पस में सरस्वती पूजा करने की मांग की थी लेकिन प्राचार्य ने सरस्वती पूजा में प्रतिमा स्थापित करने की परमीशन नहीं दी जिसके बाद विवाद बढ़ गया। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य और फैकल्टी एसडी सिंह ने कुछ छात्रों के साथ मारपीट की और कई छात्रों को कमरे में बंद कर रिस्टीकेट करने की धमकी दी।

प्राचार्य का पक्ष

दूसरी तरफ प्राचार्य का कहना है कि छात्रों ने कई बार कॉलेज में सरस्वती पूजा करने की परमीशन मांगी है लेकिन सभी को तीनों हॉस्टल में बड़ा फोटो लगाकर पूजा करने के लिए कहा गया है सभी छात्रों ने पहले इस बात को मान लिया था लेकिन दो दिन बाद छात्रों ने इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का साफ कहना है कि जिसे भी सरस्वती पूजा करनी है वो अपने-अपने कमरे में ही करें। सार्वजनिक पूजा से आसपास के लोगों से विवाद की आशंका है लेकिन छात्रों का गुस्सा नहीं थम रहा।
किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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