पटना

ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों की मुक्ति के लिए बिहार सरकार ने चलाया विशेष अभियान

बिहार में बाल श्रम को मुक्त करने के लिए सरकार पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। सरकार ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों की मुक्ति दिलाने के लिए छापेमारी को लेकर एक विशेष अभियान चला रही है।

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बिहार को बाल श्रम से मुक्त करने का प्रयास (फोटो - Canva)

Bihar: बिहार को बाल श्रम की समस्या से मुक्त करने के लिए सरकार पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इस अभियान के तहत बिहार के प्रमुख पारंपरिक मेलों और त्योहारों जैसे सोनपुर मेला, श्रावणी मेला, छठ पर्व आदि में बाल अधिकार, बाल श्रम, बाल विवाह एवं शिक्षा जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन कार्यक्रमों में नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, झांकी, पोस्टर प्रदर्शनी जैसे रचनात्मक माध्यमों से इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने के लिए संदेशों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

बाल श्रम को लेकर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

सोमवार को पटना के नियोजन भवन में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास, बाल अधिकारों की रक्षा तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को पंचायत स्तर तक विस्तारित किए जाने पर चर्चा की गई। बता दें कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम से जुड़े बच्चों को विमुक्त कराने के लिए सूचना बूथ, कला और शिल्प गतिविधियों, दृश्यों, व्यक्तिगत कहानियों, कार्यशालाओं का आयोजन और सोशल मीडिया पर प्रखंड स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

बिहार को बाल श्रम मुक्त करने की तैयारी

बाल श्रम से राज्य को मुक्त करने के लिए बैठक में ईंट-भट्ठों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए हैं। ताकि इन स्थानों पर ईंट-भट्ठों पर काम कर रहे बच्चों को वहां से निकालना है। बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में बाल श्रम से जुड़े बच्चों को मुक्त कराया गया है और विभाग लगातार इस क्षेत्र में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन बाल मज़दूरी को बढ़ावा देते हैं। इसे ख़त्म करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईंट भट्टों एवं कारखानों में काम कर रहे बच्चों को विशेष रूप से मुक्त किया जाएगा।

ईंट-भट्ठों पर होगी छापेमारी

बैठक में ईंट भट्ठों पर कार्यरत बाल श्रमिकों को विमुक्त कराने के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाने पर सहमति बनी। बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में बाल श्रम से जुड़े बच्चों को मुक्त कराया गया है और विभाग लगातार इस क्षेत्र में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन बाल मज़दूरी को बढ़ावा देते हैं। इसे ख़त्म करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईंट भट्टों एवं कारखानों में काम कर रहे बच्चों को विशेष रूप से मुक्त किया जाएगा।

इस बैठक में आयोग की कई भावी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह के अलावा आयोग की सदस्य विधायक सुश्री श्रेयसी सिंह, रामविलास कामत (विधायक), विजय सिंह (विधान पार्षद), सदस्य अनिल कुमार (विधान पार्षद), रविन्द्र प्रसाद सिंह (विधान पार्षद), सुशील कुमार, शौकत अली के साथ राजेश भारती, श्रमायुक्त श्रम संसाधन विभाग के साथ सचिव, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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