Bihar Assembly Budget Session: बिहार विधानसभा में बजट सत्र पर बहस जारी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में नीतीश कुमार सरकार द्वारा पेश किया गया बजट 'बढ़ा-चढ़ाकर झूठ और जुमलों की स्याही' से तैयार किया गया है। विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी के सवालों के जवाब दिया। इस दौरान शिक्षकों की नियुक्ति पर चर्चा हुई। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि उस समय तो हम लोगों की सरकार थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा सारा काम तो हमने किया। एक बार गड़बड़ी किया तो हटा दिए थे। दूसरी बार भी गड़बड़ी किए तो हटाना पड़ा। नीतीश ने तेजस्वी यादव को बच्चा बताया और कहा - तुम लोग बच्चे हो! तेजस्वी के टोकने पर नीतीश ने कहा तुम्हारे पिता को हमही मुख्यमंत्री बनाए थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब दे रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने 2005 के पहले की सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले बिहार में कुछ नहीं था। इसी क्रम में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने टोका-टोकी शुरू कर दी। इसके बाद नीतीश कुमार भड़क गए।
लालू यादव पिछड़ा वर्ग की राजनीति करते रहे-नीतीश
उन्होंने कहा कि तुम्हारे पिता को भी हम ही सीएम बनाए थे। तुम्हारे जाति वाले भी आपत्ति कर रहे थे कि काहे बना दिए। लालू यादव पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को खत्म कर खाली पिछड़ा वर्ग करने वाले थे। हमने इसका विरोध किया था। फिर हम अलग हो गए थे। मुख्यमंत्री ने अपनी और राजद की सरकार के समय की जब तुलना की तो राजद के विधायकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले कहा कि जब हम आए थे, उस समय की स्थिति क्या थी?
विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि शाम में कोई घर से बाहर निकलता था जी? कुछ पता है, यदि नहीं मालूम है तो जरा प्रेस वाले से पूछ लो। पहले क्या स्थिति ऐसी थी कि कहीं आने-जाने का रास्ता तक नहीं था। पहले कहीं जाने में भारी समस्या होती थी। समाज में कितना विवाद उस समय होता था। हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा कितना होता था। पढ़ाई का क्या हाल था? इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सड़कें भी बहुत कम थीं। उस समय बिजली की स्थिति भी बहुत खराब थी। जब हम लोग आए तो मिलकर काम किया।
नीतीश कुमार ने कहा कि आज राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है। हर क्षेत्र में हमने विकास किया। हम लोग आए तो कब्रिस्तानों की घेराबंदी की। उसी समय से हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा बंद हो गया। भागलपुर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही हम सत्ता में आए तो सभी गड़बड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। वहां पर जितने भी मुस्लिम परिवारों को दिक्कत थी, उन सभी की परेशानियों को दूर किया।
झूठ में डूबी स्याही से लिखे बजट दस्तावेज
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्य में चुनाव से पहले अंतिम बजट पेश किए जाने के तुरंत बाद विधानसभा परिसर के बाहर यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता से बाहर हो जाएगा। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह अजीब है कि राजस्व सृजन न होने के बावजूद बजट का आकार बढ़ता जा रहा है। 3.71 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। ऐसा लगता है कि बजट दस्तावेज झूठ में डूबी स्याही से लिखे गए हैं। वे इसे पांच लाख करोड़ रुपये कर सकते थे। तेजस्वी ने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि आधुनिक सुविधाएं तो छोड़िए बिहार अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यादव ने कहा कि सरकार राजस्व सृजन कर नहीं पा रही है लेकिन बजट को बढ़ा दे रही है। इन्हें कुर्सी और सरकार बचाने की चिंता है लेकिन हमें बिहार बचाने और बनाने की चिंता है।
