Bihar Bridge Collapse: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने के बाद सूबे में पॉलिटिक्स शुरू हो गई। जिस वक्त यह ब्रिज गिरा था तब वहां आस-पास किसी धमाके जैसी आवाज आई थी। घटना के के बाद जहां सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने दावा किया कि पुल में खामियां थीं, इसलिए उसे गिराया गया। बीजेपी ने सूबे के सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार की बानगी है। सोमवार (पांच जून, 2023) को परबत्ता के सर्किल ऑफिसर चंदन कुमार के मुताबिक, "ब्रिज ढहने के बाद एसपी सिंगला कंपनी के साथ काम करने वाला एक गार्ड गायब है। फिलहाल उसकी लाश भी नहीं मिली है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमें इस बारे में पता लगा रही हैं।"
इस बीच, चश्मदीद प्रमोद कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "हमें यह तो नहीं पता कि पुल बनाने के लिए किस तरह का सामान मुहैया कराया गया था। साथ ही यह भी नहीं मालूम कि क्या पब्लिक इसे दोबारा इस्तेमाल कर पाएगी या नहीं।
वहीं, राकेश कुमार (घटना के समय मौजूद थे) ने कहा- शुरुआत में हम लोगों को लगा था कि कोई धमाका हुआ है...बाद में समझ आया था कि पुल ढहा है...यह दर्शाता है कि इस सरकार में भ्रष्टाचार है। यह पहली बार नहीं हुआ है। यह राज्य सरकार करप्ट है। मामले की जांच की जानी चाहिए।
हालांकि, सूबे के डिप्टी-सीएम तेजस्वी यादव के ने इससे पहले बताया था, ‘‘याद दिला दूं कि पिछले साल 30 अप्रैल को इस पुल का एक हिस्सा ढह गया था। फिर हमने निर्माण मामलों में अपनी विशेषज्ञता के लिए मशहूर आईआईटी-रुड़की से एक अध्ययन करने के लिए संपर्क किया। इसकी अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है, पर संरचना का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों ने हमें सूचित किया था कि इसमें गंभीर खामियां हैं।’’
बकौल यादव, ‘‘बीते बरस इस पुल का एक हिस्सा आंधी में ढहा था। यह एक ऐसी घटना थी, जिसके बारे में व्यापक रूप से चर्चा हुई थी और मैंने विपक्ष के तत्कालीन नेता के रूप में इसे मजबूती से उठाया था। सत्ता में आने पर हमने जांच के आदेश दिए और विशेषज्ञों की राय मांगी।’’
