अंबाला : अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर गुरुवार को हुए बवाल और पुलिस के साथ हुई खूनी झड़प को लेकर अंबाला पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए इसे गहरी साजिश करार दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ट्रैफिक जाम में फंसे गैस टैंकर के जरिए बड़ी शरारत करने की प्लानिंग थी।
अंबाला के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बड़ा दावा करते हुए बताया कि भीड़ में कुछ शरारती तत्व फरसे, भाले, तलवार और अन्य हथियारों के साथ शामिल हुए थे। पुलिस का आरोप है कि हिंसा भड़काने और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की पूरी साजिश रची गई थी। एसपी ने बताया कि अंधेरा होते ही भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान डीएसपी वीरेंद्र पर फरसे और तलवार से जोरदार हमला किया गया, जिससे उनके हाथ का अंगूठा कटने के कगार पर पहुंच गया है।
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पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने हाईवे क्लियर कराने की कोशिश के दौरान कई बार जाम खुलवाने से इनकार कर दिया। कुछ लोगों ने जानबूझकर लंबा मोर्चा लगाने की कोशिश की और बाद में भीड़ में हथियार लेकर शामिल हो गए। इसी दौरान एक गैस टैंकर को जाम में फंसाकर उसके ड्राइवर से चाबी छीन ली गई। गैस टैंकर के जरिए किसी बड़ी शरारत की आशंका के चलते पुलिस ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की थी।
डीएसपी वीरेंद्र के हाथ का धारदार हथियार से हमला
प्रदर्शनकारियों की तरफ से किए गए पथराव और हथियारों के इस्तेमाल के बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए थे, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। डीएसपी वीरेंद्र के हाथ का अंगूठा धारदार हथियार लगने से कट गया है, जबकि अन्य घायल पुलिसकर्मियों को अंबाला कैंट सिविल अस्पताल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से गंभीर रूप से घायल सात पुलिसकर्मियों की हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
इस बीच, हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघल ने भी बयान देते हुए कहा है कि कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और मामले को सुलझने नहीं दिया। वहीं, दूसरी ओर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह ने बताया कि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर दोपहर में बैठक बुलाई गई है। रात की इस घटना के बाद अब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
