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'ऑपरेशन शेरावाली' का 7वां दिन: राजौरी के जंगलों में भारी गोलाबारी; आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों का 'फाइनल असॉल्ट'

Rajouri Dolimal Forest Encounter: भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) का यह संयुक्त महा-अभियान आज सातवें दिन भी लगातार जारी है।

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'ऑपरेशन शेरुवाली' का 7वां दिन: राजौरी के जंगलों में भारी गोलाबारी; आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों का 'फाइनल असॉल्ट'

Operation Sheruwali Rajouri Day 7: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी खबर सामने आ रही है। राजौरी के बेहद दुर्गम और घने जंगलों में चलाया जा रहा 'ऑपरेशन शेरावाली' अब अपने सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) का यह संयुक्त महा-अभियान आज सातवें दिन भी लगातार जारी है। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छिपे होने वाले ठिकानों (Hideouts) पर ताजा और चौतरफा हमला बोल दिया है।

डोलीमल के जंगलों में भारी गोलाबारी, दहल उठा इलाका

ताजा जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक, राजौरी के मंजाकोट सेक्टर के अंतर्गत आने वाले 'गंभीर मुगलान' और 'डोलीमल' के घने जंगली इलाकों में अचानक भारी गोलाबारी (Heavy Shelling), भीषण गोलीबारी (Intense Firing) शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों को जैसे ही आतंकियों के सटीक लोकेशन का पता चला, उन्होंने उनके हाइडआउट्स को निशाना बनाकर मोर्टार और भारी हथियारों से हमला शुरू कर दिया। पूरा इलाका धमाकों और गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा है।

भागने के रास्ते बंद, मौके पर भेजी गई अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां

घने पेड़ों, चट्टानों और कोहरे का फायदा उठाकर आतंकी इस दुर्गम पहाड़ी इलाके से भाग न सकें, इसके लिए घेराबंदी को लोहे की दीवार जैसा मजबूत कर दिया गया है। एनकाउंटर साइट पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के साथ-साथ अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों (Additional Reinforcements) और भारी मात्रा में लॉजिस्टिक सपोर्ट (हथियार और रसद) को तुरंत मौके पर रवाना किया गया है। सेना के घेरे को इतना कड़ा कर दिया गया है कि आतंकियों के बचने का अब कोई रास्ता नहीं बचा है।

खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन

आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन राजौरी के इन जंगलों में पाकिस्तानी कमांडो 'इलियास फौजी' और लश्कर कमांडर 'अबू हमजा' सहित कुछ बेहद खतरनाक और संदिग्ध आतंकवादियों के छिपे होने की सटीक खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था। पिछले 7 दिनों से सेना के जवान 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बिना थके और बिना रुके इन आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। अब ताजा हमले के बाद माना जा रहा है कि बहुत जल्द सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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