नोएडा

Yamuna Flood: यमुना के तेवर तेज, नोएडा में बाढ़ का खतरा; बाढ़ प्रभावित गांवों में अलर्ट

यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नोएडा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तराई क्षेत्र में रहने वाले लोग सड़कों पर झुग्गियां बनाकर रहने को मजबूर हैं।

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यमुना में बाढ़ (फोटो-ANI)

नोएडा : यमुना और हिंडन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से नोएडा के डूब क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। पिछले दो दिनों से पानी भरने के कारण नोएडा पुश्ता और आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोग झुग्गियां बनाकर गुजारा कर रहे हैं। सेक्टर-168 की तरफ करीब 100 से ज्यादा परिवार अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे हैं। अचानक आधी रात को पानी घुसने से ग्रामीण अपना सामान तक नहीं निकाल पाए और किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो राहत सामग्री पहुंची है और न ही किसी प्रकार की मदद मिली है। मंगरौली, छपरौली, गुलावली, मोहियापुर और झट्टा गांवों के लोग फिलहाल असुरक्षा और बदहाली के बीच जीवन काट रहे हैं।

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बाढ़ का पानी झुग्गियों तक भर गया, जिससे खाने-पीने का सामान और अन्य ज़रूरी चीजें बह गईं। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को आदेश दिया है कि नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर रिपोर्ट दी जाए। बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। इसके अलावा डूब क्षेत्र में मौजूद गौशालाओं के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके।

हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी

अगस्त 2023 की बाढ़ ने पूरे क्षेत्र को डूबा दिया था। उस समय हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने रातों-रात हजारों लोगों और पशुओं को संकट में डाल दिया था। करीब 1200 लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा और सामुदायिक किचन व अस्थायी आश्रय स्थलों का इंतज़ाम करना पड़ा था। कई गोवंश बह गए थे, जिनकी सही संख्या तक नहीं मिल पाई थी।

इस बार प्रशासन का दावा है कि 2023 जैसी भयावह स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। इसके लिए विभागों को समन्वय बनाकर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पुश्ता रोड और यमुना के लगभग 5 हजार हेक्टेयर डूब क्षेत्र का निरीक्षण करने पर यह सामने आया है कि जहां नर्सरी या बागान होने चाहिए थे, वहां आलीशान क्रिकेट ग्राउंड बना दिए गए हैं। इन मैदानों में फ्लड लाइट तक लगाई गई हैं और बुकिंग के लिए बोर्ड पर नंबर भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने इस पर चिंता जताई है क्योंकि ऐसे निर्माण बाढ़ की स्थिति में नुकसान और बढ़ा सकते हैं। बढ़ते जलस्तर से नोएडा के कई सेक्टर और गांव प्रभावित हो सकते हैं। इनमें यमुना किनारे बसे सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135 और 168 शामिल हैं। वहीं हिंडन नदी का पानी छिजारसी, बेहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंड़ी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143ए, 148 और 150 के आसपास की बस्तियों को प्रभावित कर सकता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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