नोएडा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की एक तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही। इस तस्वीर में वे प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। मुलाकात के दौरान यह भी चर्चा हुई कि भारत को 2047 तक विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। इस बात पर सहमति जताई कि विकसित भारत का मतलब केवल आर्थिक प्रगति नहीं है, बल्कि एक ऐसा समाज बनाना भी है जो आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और नैतिक मूल्यों से समृद्ध हो।
नोएडा में आयोजित एक शादी समारोह में स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज से हुई इस मुलाकात के दौरान मोहन भागवत ने राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समाज के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार चर्चा की। जानकारी के अनुसार यह मुलाकात एक निजी कार्यक्रम के दौरान हुई थी। भारतीय संस्कृति में गुरु के चरण स्पर्श करना सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए मोहन भागवत ने स्वामी सतीशाचार्य जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल होने के बाद यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी देशभर में सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक जागरण और भारतीय मूल्यों के प्रसार के लिए जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में विकसित भारत के लिए आध्यात्मिक दृष्टि की अवधारणा को लेकर सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य समाज को भारतीय संस्कृति, धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ना बताया जाता है।
सीएम रेखा गुप्ता भी कार्यक्रमों में लेती हैं भाग
स्वामी सतीशाचार्य जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाज के कई वर्ग प्रभावित हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई लोग भी उनके कार्यक्रमों में शामिल होते रहते हैं। बताया जाता है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी समय-समय पर उनके कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं और उन्हें अपना आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानती हैं।
