नोएडा

गौतमबुद्धनगर के डीएम ने जारी किया आदेश, 21-22 सितंबर को 12वीं तक के स्कूल रहेंगे बंद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 18, 2023, 06:53 PM IST

Noida Schools Closed: जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी किए गए पत्र के मुताबिक, नर्सरी से कक्षा 12 तक के स्कूलों में 21 सितंबर व 22 सितंबर को पूरी तरह से अवकाश रहेगा। विद्यालयों को ऑनलाइन मोड में चलाने का आदेश दिया गया है।

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नोएडा में 22 सितंबर को बंद रहेंगे स्कूल

Photo : BCCL

Noida Schools Closed: गौतमबुद्ध नगर के डीएम ने 21 और 22 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। गौतम बुद्ध नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी किए गए पत्र के मुताबिक, नर्सरी से कक्षा 12 तक के स्कूलों में 21 सितंबर से 22 सितंबर को पूरी तरह से अवकाश रहेगा। इस दौरान विद्यालयों को ऑनलाइन मोड पर चलाने का आदेश जारी किया गया है।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023 और मोटो जीपी रेस इवेंट को देखते हुए डीएम की ओर से अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश यह सभी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। बता दें, यूपी ट्रेड शो का आयोजन 21 से 25 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा एक्सपो सेंटर में और मोटो जीपी इवेंट 22 से 24 सितंबर तक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में होगा।

आदेश का कड़ाई से हो पालन

जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा है कि 21 व 22 सितंबर को स्कूल बंद रखने के आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया, जिला मजिस्ट्रेट की ओर से 21 सितंबर को दोपहर 2 बजे के बाद भारी भीड़ की संभावना जताई गई है। ऐसे में छात्रों को कोई असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए अवकाश घोषित किया गया है। आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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