नोएडा

NCR में यहां बनेगा वेस्ट UP का सबसे बड़ा स्टेशन, वंदे भारत समेत चलेंगी 100 ट्रेनें; मेट्रो-बस अड्डा भी होगा कनेक्ट

Greater Noida Terminal: यूपी को सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन मिलने वाला है। जी, हां ग्रेटर नोएडा में वेस्ट में यह सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बनेगा, जिसका नाम ग्रेटर नोएडा टर्मिनल होगा। यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और दिल्ली के आनंद विहार का दबाव कम करेगा।

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रेलवे स्टेशन (फाइल फोटो)

Greater Noida Terminal: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए नए रूटों के विकास पर जोर दे रहा है। अब उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यहां जल्द ही वेस्ट यूपी का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है, जिसका नाम ग्रेटर नोएडा टर्मिनल होगा। जानकारी के मुताबिक, यह स्टेशन न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि दिल्ली और आसपास के इलाकों पर बढ़ते दबाव को भी कम करेगा। इस टर्मिनल को एक मेगा प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा है और इसे मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) का हिस्सा बनाया गया है। इसमें रेलवे स्टेशन के साथ मेट्रो, आईएसबीटी और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।

कितनी ट्रेनें और प्लेटफार्म?

जानकारी के मुताबिक, इस टर्मिनल से वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों सहित करीब 100 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। स्टेशन में 12 प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और 63 यार्ड लाइनों का निर्माण होगा, ताकि ट्रेनों का रखरखाव आसानी से किया जा सके। स्टेशन का डिज़ाइन भी बेहद खास होगा, जहां नीचे ट्रेनों की आवाजाही होगी। वहीं, ऊपर की मंज़िलों पर रिटेल शॉप्स, ऑफिस और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

इतना होगा खर्च

इस प्रोजेक्ट की लागत की शुरुआत में करीब 1850 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन अब ये खर्च दोगुना हो सकता है। टर्मिनल का बिल्ट-अप एरिया 70,000 वर्ग मीटर होगा और इसे वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2024 में रेलवे की एक विशेष परियोजना के तौर पर घोषित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया जोरों पर है और दो महीने में पूरी हो जाएगी। ज़्यादातर जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है, अब सिर्फ रेलवे की जमीन अधिग्रहित होना बाकी है। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। पूरे MMTH को दो जोन में बांटा गया है।

पहला जोन 130 हेक्टेयर में फैला होगा जिसमें आईएसबीटी, लोकल बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन और कमर्शियल एरिया शामिल होंगे. दूसरा जोन 46 हेक्टेयर में फैलेगा जिसमें रेलवे टर्मिनल और उससे जुड़े व्यावसायिक विकास होंगे.आनंद विहार का दबाव होगा कमअधिकारियों का मानना है कि ग्रेटर नोएडा टर्मिनल न केवल वेस्ट यूपी के लिए एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनेगा, बल्कि यह दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन और ISBT जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों का दबाव भी कम करेगा. यह भविष्य के लिए एक मजबूत ट्रांजिट गेटवे साबित होगा, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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