नोएडा

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मिलेगा जाम से छुटकारा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के लिए लिंक रोड पूरी

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित एक्सप्रेसवे पर जल्द ही यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, दिल्ली से ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के लिए नोएडा जाने वाली लिंक रोड के एक हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और अब दूसरे हिस्से का चौड़ीकरण किया जाएगा।

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नोएडा : दिल्ली से ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क चौड़ीकरण परियोजना शुरू की जा रही है। इस परियोजना के तहत, नोएडा जाने वाली लिंक रोड के एक तरफ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे इसे चौड़ा किया गया है। अब दूसरी तरफ की लिंक रोड को भी चौड़ा किया जाएगा। यह सड़क राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के निकट स्थित है, जिसके लिए किसी भी निर्माण कार्य से पहले अनुमति लेना आवश्यक है। लखनऊ से नोएडा प्राधिकरण को इस कार्य के लिए अनुमति मिल गई है, जिससे सेक्टर 18 फ्लाईओवर से एनडीए लूप तक की सड़क को चौड़ा किया जा सकेगा।

नोएडा सेक्टर 18 से दिल्ली वाले लोगों को मिलेगा जाम से छुटकारा

सड़क को लगभग 200 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जिससे एक्सप्रेसवे और नोएडा के सेक्टर 18 से दिल्ली जाने वाले लोगों को जाम से राहत मिलेगी। इस प्रक्रिया में पेड़ों को नहीं हटाया जाएगा, बल्कि उन्हें सेंट्रल वर्ग में परिवर्तित किया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण का कार्य इस महीने के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है, और इस दौरान ट्रैफिक मूवमेंट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्राधिकरण ने बताया कि सड़क को लगभग 6 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए दलित प्रेरणा स्थल के पोल और टाइल्स को हटाना होगा। इस सड़क का उपयोग रोजाना 5 लाख से अधिक वाहन चालकों द्वारा किया जाता है, और जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है। हालांकि, एलिवेटेड रोड का निर्माण करने में लगभग 3 साल का समय लगेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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