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Noida इंजीनियर युवराज मौत केस, कोर्ट ने दो लोगों की जमानत; 25 हजार में आए सलाखों से बाहर

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पिछले दिनों 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में एक रियल एस्टेट फर्म के दो कर्मचारियों को जमानत दे दी है।

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युवराज मेहता केस में दो लोगों को जमानत (फोटो-Istock)

नोएडा में एक स्थानीय अदालत ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में एक रियल एस्टेट फर्म के दो कर्मचारियों को जमानत दे दी है। सूरजपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों रवि बंसल और सचिन करणवाल को जमानत दे दी। इन दोनों को सेक्टर-150 में एक निर्माण स्थल के पास जलभराव वाले गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के डूबने से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया है।

25 हजार के जुर्माने पर बाहर आए

आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है, और उन्होंने जमानत पर रिहाई की मांग की। अभियुक्त की ओर से पेश हुए अधिवक्ता मनोज भाटी ने कहा कि अदालत ने जमानत दे दी क्योंकि इस मामले में आरोपित अपराध जमानती है। वकील ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया और विभिन्न शर्तें लगाते हुए उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश भी दिया।

अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे और विदेश यात्रा के मामले में उसे पहले से अनुमति लेनी होगी। भाटी ने कहा कि आरोपियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे जांच के दौरान अभियोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न करें।

यह मामला 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से संबंधित है। गौरतलब है कि 16 और 17 जनवरी की दरमियानी रात को एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में युवराज की कार गिरने के बाद डूबने से उनकी मौत हो गई थी। इस घटना से जनता में आक्रोश फैल गया, स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और डेवलपर्स तथा नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही के आरोप भी लगे। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल भी इस मामले की जांच कर रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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