नई दिल्ली में नकली पनीर, नकली टूथपेस्ट और नकली ईनो के बाद अब एक्सपायर्ड सप्लीमेंट्स और अवैध ड्रग्स के नेटवर्क का पता चला है। दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में प्रशासन ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से बिक रहे प्रतिबंधित ड्रग्स और एक्सपायर हो चुके सप्लीमेंट्स के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
नाडा (NADA) के इनपुट पर एक्शन
23 अप्रैल 2026 को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) से मिली एक महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, FSSAI की उत्तरी क्षेत्रीय टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से नजफगढ़ में धावा बोला। जांच में पाया गया कि "गौरव वत्स न्यूट्रिशन" नामक संस्थान बिना किसी वैध लाइसेंस के प्रतिबंधित दवाओं और हेल्थ सप्लीमेंट्स की अवैध बिक्री कर रहा था।
भारी मात्रा में स्टेरॉयड और इंजेक्शन बरामद
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाएं (PEDs) जब्त की हैं। बरामद सामान की सूची चौंकाने वाली है। करीब 2800 प्रतिबंधित कैप्सूल और टैबलेट, मेथेनोलोन एनन्थेट, ट्रेंबोलोन, स्टैनोजोलोल और ऑक्सांड्रोलोन जैसे खतरनाक स्टेरॉयड, 1500 सार्म्स (SARMs) कैप्सूल और एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट इंजेक्शन बरामद हुए हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग ने इन सभी दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
एक्सपायर्ड प्रोटीन और सप्लीमेंट्स
ड्रग्स के अलावा, यहां खाद्य सुरक्षा नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। FSSAI की टीम को मौके पर 45 किलो एक्सपायर हो चुका प्रोटीन और गेनर मिला। इसके साथ ही 85 किलो प्रोटीन और क्रिएटिन के स्टॉक को संदिग्ध पाए जाने पर जांच के लिए सील कर दिया गया है। ये उत्पाद न केवल बिना लाइसेंस के बेचे जा रहे थे, बल्कि एथलीटों और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे।
खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
FSSAI और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई खेलों में होने वाली धोखाधड़ी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है। विभाग अब इस गिरोह के अन्य कड़ियों को तलाशने में जुटा है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
