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NEET री-एग्जाम में सेंध! परीक्षा केंद्रों से धराए फर्जी उम्मीदवार, मेडिकल छात्र भी निकले रैकेट के सदस्य

NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 संदिग्ध ‘मुन्ना भाइयों’ को पकड़ा है। बायोमैट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

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Photo : Times Now Digital

NEET UG Re-Exam 2026: बिहार के लखीसराय जिले में NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। सघन जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने 9 'मुन्ना भाइयों'को गिरफ्तार किया है। इन युवकों पर आरोप है कि ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। पुलिस ने बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है। इस मामले में मेडिकल छात्रों की संलिप्तता और अंतरराज्यीय गैंग के कनेक्शन के स सामने आने से जांच और गंभीर हो गई है।

फिंगरप्रिंट और फोटो मिलान में गड़बड़ी से हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय किऊल से 7 सॉल्वर पकड़े गए हैं। वहीं, केआरके उच्च विद्यालय से 1 और हसनपुर उच्च विद्यालय से 1 संदिग्ध सॉल्वर को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के फोटो और फिंगरप्रिंट मिलान में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दूसरे जिलों और राज्यों के लोग शामिल हैं। इनमें कुछ मेडिकल कॉलेजों के छात्र भी हैं। जांच के दौरान गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMC) के एमबीबीएस छात्र का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ मेडिकल छात्र भी जांच के दायरे में हैं।

इस घटना के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बायोमेट्रिक करने वाली निजी एजेंसी के 14 कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि ताकि यह पता चल सके कि फर्जी अभ्यर्थियों को एग्जाम सेंटर में प्रवेश कैसे मिला। पुलिस को आशंका है कि सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही या मिलीभगत हुई हो सकती है।

अंतरराज्यीय एग्जाम रैकेट की आशंका

पुलिस अब गिरफ्तार सॉल्वरों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों को संदेह है कि यह एक अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का नेटवर्क है, जो मोटी रकम लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थी भेजने का काम करता है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार की निगरानी में पूरे मामले की गहनता से जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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