Nashik TCS Case: नासिक टीसीएस मामले (Nashik TCS Case) में गठित एसआईटी को जारी हेल्पलाइन नंबर पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अब तक 20 से ज्यादा लोगों ने फोन के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें से कई मामलों में आरोपियों द्वारा धार्मिक भावनाएं आहत होने से संबंधित हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि लोग फोन पर शिकायत तो कर रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से सामने आकर मामला दर्ज कराने के लिए कोई तैयार नहीं हैं, जिससे आगे की कार्रवाई में दिक्कत आ रही है। अब तक इस मामले में 12 लिखित शिकायतें दर्ज की गई हैं और 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान अब भी गिरफ्त से बाहर है।
दानिश शेख ने अदालत में जमानत अर्जी की दाखिल
इससे पहले, यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी दानिश शेख ने मंगलवार को सत्र अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। 31 वर्षीय दानिश ने अपनी अर्जी में दलील दी कि यह शिकायत उसके पीड़िता की "एकतरफा भावनाओं" को तवज्जो न देने या माता-पिता के दबाव का नतीजा हो सकती है। उसने पीड़िता की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियां करने से भी इनकार किया है। दानिश TCS मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में है। उसने नासिक सत्र अदालत में अधिवक्ता उमेश वालजादे के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई के लिए दो मई की तारीख तय की गई है।
नौकरी दिलाने का वादा करके विश्वास जीता
याचिका में कहा गया है, "याचिकाकर्ता (दानिश) ने कभी किसी धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। ऐसा प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता के मन में याचिकाकर्ता के प्रति एकतरफा भावनाएं थीं और उसने हताशा या माता-पिता के दबाव में आकर यह शिकायत दर्ज कराई।" पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दानिश ने टीसीएस में नौकरी दिलाने का वादा करके उसका विश्वास जीता, उसका यौन उत्पीड़न किया और पहले से ही शादीशुदा तथा दो बच्चों का पिता होने के बावजूद उससे शादी करने का भरोसा दिलाया।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
दानिश ने अपनी याचिका में दलील दी कि वह और पीड़िता कॉलेज के दिनों से ही दोस्त हैं। उसने दावा किया कि पीड़िता उसकी शादी के बारे में पहले से वाकिफ थी। दानिश ने कहा कि कथित घटनाएं 2022 की बताई गई हैं, लेकिन प्राथमिकी 2026 में दर्ज कराई गई और इस देरी का कोई वैध कारण नहीं बताया गया है। मामले में शेख और चार अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (धोखाधड़ी से यौन संबंध), 75 (यौन उत्पीड़न) और 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर किए गए कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
