Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने राज्य में निजी अस्पतालों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अस्पतालों के संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंत्री ने पूरी घटना की जांच की मांग भी की है।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राम कृपाल यादव ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मामले की गहन जांच कराने की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, मंत्री ने कहा कि हर अस्पताल को खोलने के लिए तय मानक और नियम हैं, लेकिन ज्यादातर निजी अस्पताल उनका पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि बिहार में निजी अस्पतालों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिनमें कई अस्पताल जरूरी सुरक्षा मानकों के बिना ही संचालित हो रहे हैं।
गाइ़लाइन पालन न करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की मांंग
मंत्री ने कहा, "अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य विभाग की स्पष्ट गाइडलाइन है, लेकिन बहुत कम संस्थान इनका पालन करते हैं। जिन अस्पतालों का संचालन मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर ऐसे अस्पतालों को बंद भी किया जाना चाहिए।" राम कृपाल यादव ने यह भी कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाए, चाहे वह डॉक्टर हो, अस्पताल मालिक हो या प्रबंधक, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों और कोई निर्दोष अपनी जान न गंवाए।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर घेरा है। उन्होंने कहा कि बिहार में लगातार आगजनी, चोरी और अन्य घटनाएं हो रही हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।
