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Mumbai News: सीवर चैंबर में समा गईं दो जिंदगी, तीसरे की हालत नाजुक , जानें गड्ढे में क्या कर रहे थे श्रमिक

मुंबई के मलाड में 15 फुट गहरे सीवर के एक चैंबर में गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की स्थिति नाजुक है।

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सीवर चैंबर में मजदूरों की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुंबई: उपनगरीय क्षेत्र मलाड में गुरुवार को बड़े हादसा हो गया। जहां एक 15 फुट गहरे भूमिगत सीवर के चैंबर में गिरकर एक किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि एक अन्य की स्थिति नाजुक है। एक नगर निकाय अधिकारी ने बताया कि अंबुजावादी में अब्दुल हमीद रोड पर मालवानी गेट नंबर आठ पर शाम साढ़े पांच बजे यह घटना घटी। उन्होंने कहा कि तीन लोग एक भूमिगत सीवर के चैंबर में गिर गये। यह सीवर एक सार्वजनिक शौचालय से 15 फुट नीचे है और इस शौचालय का संचालन एक ठेकेदार के हाथों में है। तीनों को राहगीरों ने बाहर निकाला और उन्हें एक नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया।

ठेके पर सफाई कर रहे थे मजदूर

उन्होंने कहा कि जान गंवाने वालों की पहचान सूरज केवट और विकास केवट (20) के रूप में हुई है, जबकि रामलगन केवट (45) की स्थिति गंभीर है। मालवाणी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक चिमाजी आधव ने कहा कि तीनों श्रमिक थे, जिन्हें नाले की सफाई के लिए ठेके पर रखा गया था। हमने प्राथमिक सूचना के आधार पर दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और हम मामले की जांच कर रहे हैं।

पहले भी घटी हैं घटनाएं

आपको बता दें कि मुंबई समेत अन्य शहरों में सीवर चेंबर में सफाई के दौरान कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में कई मजदूरों को जान गवांनी पड़ी है। करीब 9 माह पहले भी मैन होले में उतरकर ड्रेनेज की सफाई कर रहे सफाईकर्मी पर एक शख्स ने कार चढ़ा दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं, साल 2019 में भयंदर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में गैस भरे चैंबर में प्रवेश के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। इस तरह से हो रही मौतों से प्रशासन सबक नहीं ले रहा और बिना सेफ्टी को मजदूरों को मौत के मुंह पर धकेला जा रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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