Mumbai Trans Harbour Link: मुंबई में बनने वाला अटल सेतु केे उद्घाटन में अब अधिक समय नहीं है। 18,000 करोड़ की लागत से बने अटल सेतु को 'मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक' (MTHL) के नाम से भी जाना जाता है। इसके उद्घाटन से पहले ही मुंबई पुलिस ने एक बड़े फैसले लिए हैं। मुंबई पुलिस ने वाहनों की गति को लेकर कुछ अहम नियमों की घोषणा की है। बता दें कि अटल सेतु भारत का सबसे लंबा समुद्र पुल है। इसका निर्माण 6 लेन में किया गया है, जिसका उद्घाटन 12 जनवरी को प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। आइए जाने क्या है वो महत्वपूर्ण नियम और कानून।
मुंबई पुलिस ने अटल सेतु को लेकर की घोषणा
अटल सेतु के उद्घाटन से पहले ही मुंबई पुलिस ने हाई स्पीड को लेकर नियम की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार इस सेतु पर चलने वाले 4 पहिया वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा की तय की गई है। इतना ही नहीं पुलिस द्वारा पुल पर चढ़ने और उतरे की गति सीमा भी तय की गई है। जानकारी के अनुसार ये सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा की है। चार पहिया वाहन की गति सीमा को तय करते हुए दोपहिया और तिपहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मल्टी एक्सल भारी वाहनों, ट्रकों और बसों को ईस्टर्न फ्रीवे को प्रवेश नहीं मिलेगा। पुलिस द्वारा दी जानकारी के अनुसार आवाजाही के लिए इन वाहनों को मुंबई पोर्ट-सिवड़ी निकास का उपयोग करना होगा। अटल सेतु पर यात्रा करने के लिए स्पीड की सीमा को तय करते हुए मुंबई पुलिस ने बयान देते हुए कहा कि "मोटरसाइकिल, मोपेड, तिपहिया वाहन, ऑटो, ट्रैक्टर, जानवरों द्वारा खींचे जाने वाले वाहन और धीमी गति से चलने वाले वाहनों के लिए कोई प्रवेश नहीं होगा।"
कब होगा अटल सेतु का उद्घाटन
मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक का नाम अटल सेतु भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार अटल सेतु का उद्घाटन 12 जनवरी 2024 को किया जाएगा। इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।
यात्रा की समय सीमा आएगी कमी
मुंबई में बने अटल सेतु पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले लोगों के समय में कमी आएगी। इस सेतु माध्यम से मुंबई से नवी मुंबई तक की यात्रा में जहां पहले 2 घंटे का समय लगता था अब वो समय घट कर मात्र 20 मिनट तक का हो जाएगा। इतना ही नहीं मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक से मुंबई और पुणे एक्सप्रेसवे और गोवा हाईवे के बीच की दूरी भी कम होगी। ये मुंबई-गोवा राजमार्ग, वसई और विरार, नवी मुंबई और रायगढ़ जिलों को लिंक करने में सहायक साबित होगा।
