Mumbai News: नासिक नगर निगम (एनएमसी) ने 5 लाख से अधिक करदाताओं के लिए अपनी संपत्तियों से संबंधित अलग-अलग विरोध जाहिर करने के लिए 20 फरवरी की समय सीमा निर्धारित की है। इसको लेकर एनएमसी ने छह मंडल कार्यालयों में संपत्ति रजिस्टरों को प्रदर्शित किया है। करदाता संपत्ति रजिस्टर में विवरण की पुष्टि कर सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी संपत्तियों का मूल्यांकन सही है या नहीं। इस विवरण में मालिक का नाम और संपत्तियों का पता, संपत्तियों के मालिकों के नामों में सुधार (अगर जरूर है तो), संपत्ति कर में बढ़ोतरी या कमी, गुणों सहित अन्य चीजों से जुड़ी जानकारी में परिवर्तन कर सकते हैं।
अगर संपत्ति के मालिक किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं करवाते हैं तो एनएमसी अपनी संपत्ति कर को जारी रखेगा। इसके अलावा, आपत्ति दर्ज करने से पहले संपत्ति के मालिकों को 31 मार्च तक अपने सभी संपत्ति कर का भुगतान करना होगा।
इसलिए दर्ज करानी होगी आपत्ति
हाल के एक सर्वेक्षण के दौरान, एनएमसी ने नागरिक निकाय से अनुमति के बिना अतिरिक्त निर्माण करने के लिए आवासीय और वाणिज्यिक दोनों तरह की 1.27 लाख संपत्तियां पाई हैं। ऐसे में संबंधित संपत्ति स्वामियों को अपने कुल क्षेत्रफल के बाद नए कर निर्धारण और संपत्ति कर के संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज करानी होगी। जिसके लिए एनएमसी ने 20 फरवरी आखिरी तारीख निर्धारित की है। लेकिन अगर नागरिक निकाय उनके तर्कों से सहमत नहीं है, तो उनपर अतिरिक्त संपत्ति कर लगाया जाएगा। इससे एनएमसी को इन अतिरिक्त निर्माणों से 25 करोड़ रुपये एकत्र करने में मदद मिलेगी।
एनएमसी को राजस्व बढ़ाने में मिलेगी मदद
इसको लेकर एनएमसी ने एक सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें सभी संपत्ति मालिकों से संपत्ति रजिस्टर में अपनी संपत्तियों के विवरण के बारे में अपनी आपत्तियां दर्ज करने की अपील की गई है। नगर प्रशासन केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए एनएमसी के राजस्व को बढ़ाने के लिए इस तरह के उपाय कर रहा है। नागरिक निकाय वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान संपत्ति कर राजस्व में लगभग 25% की वृद्धि देख रहा है। एनएमसी के छह डिवीजनों के रिकॉर्ड में 5.25 लाख संपत्ति करदाता हैं।
