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Mumbai News: सहकर्मी के अंतिम संस्कार में पहुंचे रेलवे कर्मचारी, 147 ट्रेनें को करना पड़ा रद्द

Mumbai News: मध्य रेलवे लाइन पर 88 मुंबई लोकल सहित 147 ट्रेनें रद्द कर दी गई है। मोटरमैन की कमी के चलते ट्रेनें रद्द करनी पड़ी है। दरअसल, मोटरमैनों द्वारा सहकर्मी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के फैसला लिया था, जिसके चलते ट्रेनें रद्द करने की नौबत आ गई।

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मुंबई लोकल समेत 147 ट्रेने हुई रद्द

Photo : iStock

Mumbai News: भारतीय रेलवे में विरोध-प्रदर्शन या अपनी मांगों लेकर कर्मचारी हड़ताल करते रहते हैं। इसके चलते कई बार रेलवे यातायात प्रभावित होता रहा है। यहां तक की ट्रेनें रद्द हो जाती है। लेकिन इस बार मुंबई में हुई रद्द हुई 147 ट्रेनों होने के कारण विरोध प्रदर्शन नहीं है। 88 मुंबई लोकल के साथ चलने वाली विभिन्न ट्रेनें मोटरमैन की कमी के चलते रद्द करनी पड़ी है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को भायखला और सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन के बीच सेंट्रल और हार्बर लाइन पर मोटरमैन की कमी थी, जिस कारण 147 ट्रेनें रद्द हुई और इससे यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। आइए आपको बताएं ट्रेनें रद्द होने के मुख्य कारण के बारे में...

मुंबई लोकल समेत 147 ट्रेनें रद्द

दरअसल, भायखला और सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन के बीच सेंट्रल और हार्बर लाइन पर काम करने वाले मोटरमैनों ने एक सहकर्मी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के फैसला लिया था। एक समय पर सारे मोटरमैनों के अंतिम संस्कार में जाने से हुई कमी की कारण ट्रेनें रद्द हुई। जानकारी के अनुसार, जिस सहकर्मी के अंतिम संस्कार में सभी लोग शामिल होने पहुंचे थे, उसकी मृत्यु ट्रेन दुर्घटना में हुई थी। मोटरमैन मुरलीधर शर्मा शुक्रवार को भायखला के पास से गुजर रही प्रगति एक्सप्रेस की चपेट में आ गए थे। उनकी मृत्यु पर मोटरमैनों नें अंतिम संस्कार में शामिल होने के फैसला लिया और साथ ही ओवरटाइम करने से भी इनकार किया।

अंतिम संस्कार में पहुंचे मोटरमैन

मोटरमैन मुरलीधर शर्मा की मृत्यु की जब जांच की गई तो पता लगा कि उनकी मृत्यु अतिचार के कारण हुई है, लेकिन यूनियन इस बात को मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है वह दबाव में थे। मिली जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार का समय 11 बजे का तय किया गया था, जिसके चलते 18 सेवाएं रद्द हुई। कई रिश्तेदारों के आने में देरी होने के कारण अंतिम संस्कार शाम 5 बजे पूरा किया गया। सुबह 11 बजे के बाद से जैसे-जैसे समय बितता गया वैसे अतिरिक्त सेवाएं भी रद्द कर दी गई।

रेलवे अधिकारी ने मामले पर दी जानकारी

एक रेलवे अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि हमें अपने कर्मचारी को खोने का दुख है लेकिन यूनियन नेता प्रशासन पर दबाव बनाने वाली प्रथाओं में लगे हुए हैं ताकि उन्हें एसपीएडी मामलों में परिणाम न भुगतना पड़े। ये उनका एसपीएडी कार्रवाई से बचने का एक प्रयास है। बता दें कि एसपीएडी का मतलब सिग्नल पासिंग एट डेंजर है। मृतक मुरलीधर शर्मा एसपीएडी मामले में शामिल थे। बताया गया है कि उन्होंने हार्बर लाइन ट्रेन का संचालन करते समय लाल सिग्नल को नजरअंदाज किया था।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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