मुंबई

Darshan Solanki suicide case: मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, IIT-Bombay के छात्र को किया गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 10, 2023, 04:08 PM IST

Darshan Solanki case: पुलिस ने दर्शन सोलंकी के सहपाठी अरमान खत्री को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दर्शन को आत्महत्या के लिए अरमान ने ही उकसाया था। पुलिस को इस मामले में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

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दर्शन सोलंकी आत्महत्या मामले में आईआईटी-बॉम्बे का छात्र गिरफ्तार

Photo : iStock

Darshan Solanki suicide case: आईआईटी बॉम्बे (IIT-Bombay) के छात्र दर्शन सोलंकी आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस के विशेष जांच दल ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने IIT-Bombay के ही एक छात्र अरमान खत्री को इस मामले में गिरफ्तार किया है। अरमान, मृतक दर्शन सोलंकी का बैचमेट था। आरोप है कि उसी ने आत्महत्या के लिए दर्शन सोलंकी को उकसाया था।

बता दें, मामले की जांच कर ही एसआईटी ने हॉस्टल में सोलंकी की कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया था। इस पर लिखा था- 'अरमान तुमने मुझे मार डाला।' इस सुसाइड नोट के सामने आने के बाद पुलिस ने अरमान खत्री को गिरफ्तार किया है।

अरमान और दर्शन के बीच हुआ था झगड़ा

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान कई लोगों का बयान दर्ज किया गया था। इसमें सामने आया है कि आत्महत्या से कुछ दिन पहले दर्शन सोलंकी और अरमान के बीच झगड़ा हुआ था। इस दौरान अरमान ने दर्शन को चाकू दिखाकर धमकाया भी था।

सांप्रदायिक मामला आया सामने

दर्शन सोलंकी आत्महत्या मामले में सांप्रदायिक मामला समाने आया है। जांच में पता चला है कि दर्शन ने अरमान के मुस्लिम समाज के बारे में टिप्पणी की थी। इसी के बाद अरमान से उसका झगड़ा हुआ था, जिसके बाद अरमान ने उसे धमकाया था। हालांकि, दर्शन ने बाद में अरमान से माफी मांग ली थी।

पुलिस को सही से जवाब नहीं दे रहा अरमान

पुलिस ने बताया, बीती रात अरमान को हिरासत में लिया गया था। इस दौरान उससे पूछताछ की गई, लेकिन वह ठीक से जवाब नहीं दे रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया अरमान की उम्र 19 वर्ष है। माफी मांगने के बाद भी कथित तौर पर अरमान उसे लगातार धमका रहा था। पुलिस ने बताया, अरमान खत्री को अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जहांं से उसे गुरुवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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