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मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, 12.26 करोड़ का ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ जब्त, यात्री गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए नशे के अवैध कारोबार की बड़ी खेप पकड़ी है। चतुराई से पैक की गई यह खेप अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है।

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नशे के अवैध कारोबार की बड़ी खेप पकड़ी गई (फोटो -टाइम्स नाउ नवभारत)

मुंबई: मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए नशे के अवैध कारोबार की बड़ी खेप पकड़ी है। चतुराई से पैक की गई यह खेप अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है।

मामला छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का है, जहां मंगलवार देर रात कुआलालंपुर से फ्लाइट नंबर MH194 के जरिए पहुंचे एक संदिग्ध यात्री को कस्टम्स अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर रोका। प्रारंभिक जांच में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब उसके चेक-इन ट्रॉली बैग को स्कैन किया गया तो अधिकारियों को शक हुआ।

12.26 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद

बैग की बारीकी से तलाशी लेने पर उसमें से 12.26 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (मैरिजुआना) बरामद हुआ। खास बात यह है कि यह नशीला पदार्थ बेहद चालाकी से बैग के अंदरूनी हिस्सों में छिपाया गया था, ताकि सामान्य नजर से पकड़ा न जा सके। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹12.26 करोड़ आंकी गई है। कस्टम्स विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी यात्री को हिरासत में लिया और एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप न केवल मुंबई बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी सप्लाई की जानी थी। इस मामले के पीछे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता।

वीड आम मैरिजुआना से कहीं ज्यादा महंगा और खतरनाक

सूत्रों के अनुसार, हाइड्रोपोनिक वीड आम मैरिजुआना से कहीं ज्यादा महंगा और खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसे विशेष तकनीक से उगाया जाता है और इसकी मांग बड़े शहरों के हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों में तेजी से बढ़ रही है।फिलहाल, कस्टम्स अधिकारियों ने जब्त माल को सुरक्षित रख लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। यह जांच ड्रग्स नेटवर्क की गहरी परतों तक जा सकती है। मुंबई एयरपोर्ट पर हुई इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग्स माफिया किस तरह देश के युवाओं को निशाना बनाने के लिए लगातार नए हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन सतर्क सुरक्षा एजेंसियां उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दे रहीं।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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