Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लक्ष्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया। करीब 2360 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर इंदौर के नैनोद गांव में विकसित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से प्रदेश में उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार व स्व-रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र भी सौंपे। सरकार ने इस परियोजना में किसानों को उनकी भूमि का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड वापस देने का फैसला किया है। साथ ही अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों को विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाने वाला मॉडल बताया।
किसानों, युवाओं और महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बनेगा। यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर से भी जुड़ाव स्थापित करेगा, जिससे निवेश और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के अनुसार यह परियोजना सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20 किलोमीटर लंबे मार्ग के रूप में विकसित की जाएगी। इसके तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और आसपास बफर जोन तैयार किया जाएगा। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 को जोड़ते हुए औद्योगिक परिवहन को आसान बनाएगा।
इन क्षेत्रों को विशेष मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से एग्री प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो चुका है, जहां तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बिजली, सिंचाई और समर्थन मूल्य जैसी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस परियोजना को देश की अनोखी योजना बताते हुए कहा कि इसमें किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन देने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र में ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। वहीं मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे प्रदेश के विकास और औद्योगिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताया।
