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Delhi NCR सहित पूरे भारत में इस साल सामान्य रहेगा मानसून, ये है पूरा पूर्वानुमान

Monsoon 2024: रिपोर्ट के अनुसार जून से सितंबर के बीच चार महीनों तक 2% ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई और अगस्त के बीच मानसून चरम पर होता है, लेकिन, उस दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में कम बारिश हो सकती है। आइए जानते हैं पूरे साल कैसा रहेगा मौसम का हाल-

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भारत में इस साल कैसा रहेगा मानसून

Photo : iStock

Monsoon 2024: भारत में इस साल मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद है। इसलिए मानसून में अच्छी बारिश हो सकती है। मानसून का सामान्य रहना किसानों के लिए अच्छी खबर है। हालांकि, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इस साल कम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। नीजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईटेक ने मंगलवार ( 9 अप्रैल 2024) को कहा गया कि इस साल जून से सितंबर के बीच चार महीनों तक सामान्य से 2 प्रतिशत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

स्काईटेक का कहना है कि प्रशांत इलाकों में अल नीनो की स्थिति से ला नीना की और एक तेज बदलाव हो सकता है, जिस वजह से गर्मियों के दिनों में धीमी बारिश की शुरूआत होगी, इसके बाद भारी बारिश होने की उम्मीद है।

कहां-कहां होगी बारिश ?

भारत में बारिश जून से शुरू होकर सितंबर तक होती है। जून से सितंबर तक चार महीनों के लिए एलपीए 868.6 mm है। एलपीए के 96-104% तक बारिश सामान्य माना जाता है। स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने बताया कि दक्षिण, पश्चिम और उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी। इसके अनुसार महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के प्रमुख आधारित क्षेत्र में सामान्य बारिश होने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी कम बारिश

जुलाई और अगस्त में जिस वक्त मानसून चरम पर होता है, उस दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में कम बारिश की संभावना है। उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसून के शुरुआती आधे सीजन में मानसून के कमजोर रहने की संभावना जताई गई है।

अल नीनो से ला नीना में होगा बदलाव

स्काईटेक के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह के अनुसार अल नीनो तेजी से ला नीना में बदल रहा है। ला नीना बारिश के दौरान परिसंचरण मजबूत हो जाता है। सुपर अल नीनो से मजबूत ला नीना के बदलने से मानसून अच्छा रहता है। लेकिन, अल नीनो के असर से मानसून नुकसान और जोखिम भरा हो जाता है।

मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान

स्काईमेट के विशेषज्ञ महेश पलावत ने बताया कि ला नीना मजबूत होने से पूर्वी प्रशांत महासागर क्षेत्र में तापमान कम और पश्चिमी प्रशांत महासागर क्षेत्र में तापमान ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति में भारत में मानसून में अच्छी बारिश होती है। इसलिए इस साल मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।

पिछले साल ऐसा था मानसून

पिछले साल अल नीनो के कारण बारिश सामान्य से 6% प्रतिशत कम हुई थी। मानसून के दौरान चार महीने में देश में 868.6 मिलीमीटर बारिश होती है।

इस साल कैसा होगा मानसून ?

इस वर्ष 886 मिमी बारिश होने की संभावना है। जून के महीने में सामान्य से पांच प्रतिशत कम 95 प्रतिशत वारिश होने का अनुमान है। जुलाई में सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक, अगस्त में 98 प्रतिशत और सितंबर में 110 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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